लखनऊ, उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और फार्मेसी शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेज एवं फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश में एक अलग फार्मेसी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन की कार्यकारी बैठक शुक्रवार, 8 अगस्त 2026 को लखनऊ के अवध इंटरनेशनल होटल में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति परम श्रद्धेय प्रो. डॉ. अमेरिका सिंह ने की।
बैठक में एसोसिएशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ राजनेता श्री नरसिमणि त्रिपाठी, पूर्व कुलपति प्रो. ए.एस. विद्यार्थी तथा कुलपति प्रो. वी.के. सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने अनुभवों और विचारों से एसोसिएशन के पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया।
बैठक में उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी श्री मनोज कुमार सिंह, महासचिव प्रो. डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, सचिव श्री अवधेश कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव श्री अमरीश गुप्ता, श्री विशाल चंद्र शाही, श्री लकी जाफरी और श्री विजय कुमार सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फार्मेसी कॉलेजों के प्रबंधक, प्राचार्य एवं फार्मास्यूटिकल उद्योग के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
महासचिव प्रो. डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 1,100 से अधिक फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज और 2,700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद फार्मेसी शिक्षा के लिए प्रदेश में अलग विश्वविद्यालय नहीं है। बैठक में कहा गया कि फार्मेसी विश्वविद्यालय की स्थापना वर्तमान परिस्थितियों और शिक्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए समय की महत्वपूर्ण मांग है।
एसोसिएशन ने इस मांग को लेकर देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया।
बैठक में विद्यार्थियों के दूसरे राज्यों में पलायन पर भी चिंता व्यक्त की गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फीस में लगातार हो रही वृद्धि विद्यार्थियों के पलायन का एक प्रमुख कारण है। परीक्षा शुल्क को लेकर भी सदस्यों ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अंकतालिका में छोटी सी त्रुटि के सुधार के लिए विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश में कई फार्मेसी, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज लगातार बंद हो रहे हैं। बैठक में फार्मेसी डिग्री प्रदान करने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि फार्मेसी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन इसकी डिग्री वर्तमान में तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों द्वारा प्रदान की जा रही है।
एसोसिएशन ने मांग की कि फार्मेसी डिग्री प्रदान करने की व्यवस्था चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अथवा प्रस्तावित फार्मेसी विश्वविद्यालय के अंतर्गत लाई जानी चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन अथवा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा एसोसिएशन को विश्वास में लिए बिना परीक्षा शुल्क या संबद्धता शुल्क में वृद्धि की जाती है, तो एसोसिएशन देशभर में व्यापक विरोध अभियान चलाएगा।
एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश एवं केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसके लिए एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी श्री मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
एसोसिएशन शीघ्र ही अपना न्यूजलेटर, पीरियॉडिकल और जनरल प्रकाशित करेगा। इसके लिए पूर्व कुलपति प्रो. ए.एस. विद्यार्थी को एडिटर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है।
बैठक में विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए उचित व्यवस्था करने तथा अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए जाने पर भी सहमति बनी।
एसोसिएशन की अगली महासभा की बैठक 29 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। एसोसिएशन ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शीघ्र ही संबंधित अधिकारियों एवं सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा और देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।