एआई का नया दौरःव्यापारी, करदाता और कर विशेषज्ञ बदले काम करने का तरीका

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Published on : 09 Aug, 26 12:08

पेशेवरों ने एआई से ड्राफ्टिंग, फ्रॉड डिटेक्शन और स्मार्ट ऑडिटिंग के गुर सीखे कर

एआई का नया दौरःव्यापारी, करदाता और कर विशेषज्ञ बदले काम करने का तरीका

उदयपुर। उदयपुर टैक्स बार एसोसिएशन के तत्वावधान में यूसीसीआई भवन में ष्‘टैक्सेशन, असेसमेंट व बिजनेस ऑपरेशंस में एआई “ विषय पर आयोजित एक दिवसीय विशेष कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए दीपक एरन ने बताया कि कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं जयपुर के एआई विशेषज्ञ सीए रोहित प्रधान ने सत्र का संचालन करते हुए विभिन्न कर कानूनों के अंतर्गत कानूनी ड्राफ्टिंग, टैक्स नोटिस के सटीक उत्तर तैयार करने, व्यापक डेटा विश्लेषण तथा वित्तीय ऑडिटिंग में एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की बारीकियों से रूबरू कराया।

उन्होंने उपस्थित पेशेवरों को विस्तार से समझाया कि किस विशिष्ट स्थिति में कौन-सा एआई टूल सर्वाधिक परिणामकारी और उपयोगी सिद्ध होता है।अध्यक्ष सीए दीपक एरन ने यह भी बताया कि आज टैक्स विभागों में आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और एआई का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए टैक्स पेशेवरों के लिए इस अत्याधुनिक तकनीक को अपनाना अनिवार्य हो गया है।

कार्यशाला के दौरान यह बात प्रमुखता से रेखांकित की गई कि जनरेटिव एआई की मदद से अब मिनटों में जटिल दस्तावेजों का विश्लेषण कर केस-लॉ आधारित कानूनी ड्राफ्ट तैयार किए जा सकते हैं।

साथ ही, एआई एल्गोरिदम की मदद से हजारों वित्तीय लेन-देन और बैलेंस शीट डेटा को कुछ ही सेकंड में स्कैन कर डेटा विसंगतियों और टैक्स संबंधी गड़बड़ियों का तुरंत पता लगाया जा सकता है।

आयकर व जीएसटी विभाग भी इसी तकनीक का उपयोग कर राजस्व कर चोरी का सटीकता से आंकलन कर रहे है।सचिव सीए हातिम कांकरोली वाला ने बताया कि कार्यशाला की दौरान ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई-आधारित ऑटोमेशन टूल्स से पारंपरिक ऑडिटिंग में लगने वाले हफ्तों के काम को बेहद कम समय और शून्य मानवीय भूल की संभावना के साथ पूरा किया जा सकता है।

एआई तकनीक अब केवल टैक्स फाइलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स के माध्यम से व्यावसायिक डेटा का सटीक पूर्वानुमान लगाकर कंपनियों को बेहतर वित्तीय निर्णय लेने और बिजनेस ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है।सह सचिव व कोषाध्यक्ष सीए अंकित जैन ने बताया कि कार्यशाला में वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति एवं एआई के प्रति उनकी जिज्ञासा, उनके उत्साह को परिलक्षित करती है ।

कार्यशाला में पूर्व अध्यक्ष सीए गौतम सुखलेचा, एडवोकेट अमित तिवारी सहित सीए गौरव व्यास, एडवोकेट सुनील अग्रवाल, सीए सीपी बाल्दी, सीए पंकज जैन, सीए सौरभ नागदा, सीए शैलेश माहेश्वरी, सीए महेश मंडोवरा, सीए सुनील सिंघल, सीए पंकज नेवटिया, सीए सविता गुप्ता सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।


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