राजसमंद। दक्षिणी राजस्थान में आधुनिक हृदय उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अनंता हॉस्पिटल ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 6 मरीजों का बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सफल उपचार किया। यह उपचार कैथेटर आधारित आधुनिक तकनीक से डिवाइस क्लोजर के माध्यम से किया गया।
अस्पताल में आयोजित सीएचडी इंटरवेंशन वर्कशॉप के दौरान कुल 6 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 3 पीडीए (Patent Ductus Arteriosus) के मरीज थे, जिनमें हृदय की दो बड़ी रक्त नलिकाओं के बीच असामान्य छेद होता है, जबकि 3 एएसडी (Atrial Septal Defect) के मरीज थे, जिनमें हृदय के दो ऊपरी चैम्बरों के बीच छेद होता है।
अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि इंटरवेंशनल एवं स्ट्रक्चरल हार्ट सेवाओं के विस्तार से नाथद्वारा, राजसमंद, उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अब उन्नत हृदय उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रहा है, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि सभी 6 मरीजों का उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया गया।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. योगेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि एएसडी और पीडीए जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं हैं, जिनका चयनित मरीजों में बिना ओपन सर्जरी के इलाज संभव है। इस प्रक्रिया में पैर की रक्त वाहिका के माध्यम से कैथेटर हृदय तक पहुंचाया जाता है और उपयुक्त आकार की डिवाइस लगाकर छेद को बंद किया जाता है।
ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में इस तकनीक में बड़ा चीरा नहीं लगता, अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस वर्कशॉप को सफल बनाने में पूरी कार्डियक टीम, कैथ लैब विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ और एनेस्थीसिया विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यह उपलब्धि क्षेत्र में आधुनिक एवं सुलभ हृदय चिकित्सा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।