मात्स्यकी महाविद्यालय में ‘हर घर तिरंगा’ रैली का सफल आयोजन

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Published on : 10 Aug, 26 15:08

तिरंगे की शान, देश का अभिमान—हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा — डॉ. प्रताप सिंह

मात्स्यकी महाविद्यालय में ‘हर घर तिरंगा’ रैली का सफल आयोजन

तिरंगा: संघर्ष से स्वतंत्रता तक, राष्ट्र की गौरवपूर्ण पहचान का प्रतीक — डॉ. एल. एन. महावर

 

उदयपुर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक मात्स्यकी महाविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों द्वारा तिरंगा रैली का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एल. एन. महावर ने माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह का स्वागत किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1906 में कलकत्ता के पारसी बागान चौक में भारत के शुरुआती राष्ट्रीय ध्वजों में से एक फहराया गया था। इसमें हरे, पीले और लाल रंग की पट्टियां तथा ‘वंदे मातरम्’ अंकित था। वर्ष 1921 में स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का एक प्रारूप प्रस्तुत किया गया, जिसमें सफेद रंग एवं चरखे को शामिल किया गया था। वर्ष 1947 में चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को स्थान दिया गया।

माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की स्वतंत्रता, एकता, शांति और गौरवपूर्ण राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगे के तीनों रंगों के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि केसरिया रंग साहस, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग शांति एवं सत्य का तथा हरा रंग समृद्धि, विकास एवं हरियाली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्वरूप वाले तिरंगे को 22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया गया था।

रैली के दौरान कुलगुरु निवास पर कुलगुरु एवं उनके परिवार द्वारा विद्यार्थियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। रैली में महाविद्यालय के लगभग 55 स्टाफ सदस्यों, स्काउट, एनसीसी, एवं एनएसएस के स्वयंसेवकों एवं कैडेट्स विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा देशभक्ति के नारों के साथ वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।

हर घर तिरंगा’ रैली की शुरुआत मात्स्यकी महाविद्यालय से हुई, जो दुर्गा नर्सरी रोड एवं विज्ञान महाविद्यालय होते हुए पुनः मात्स्यकी महाविद्यालय, उदयपुर पहुंचकर संपन्न हुई।

कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुमन ताकर ने किया। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. विक्रमादित्य दवे एवं महाविद्यालय के डॉ. एम. एल. ओझा सहित महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। रैली का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

 


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