महाराणा प्रताप खेल गांव में हर्षोल्लास से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

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Published on : 10 Aug, 26 16:08

लेक्रोज खिलाड़ियों ने रोमांचक मुकाबलों में दिखाया दमखम

महाराणा प्रताप खेल गांव में हर्षोल्लास से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

उदयपुर। महाराणा प्रताप खेल गांव में राजस्थान लेक्रोज संघ एवं उदयपुर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए विभिन्न आयु वर्गों में लेक्रोज के रोमांचक मुकाबलों का आयोजन किया गया।

जिसमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन, टीम भावना एवं खेल भावना का प्रदर्शन किया।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इन मुकाबलों का उद्देश्य जनजाति क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा खेल के माध्यम से सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा, चूंकि लेक्रोज खिलाड़ी प्रशिक्षण नीरज बत्रा के मार्गदर्शन में अपने उत्कृष्ट खेल कौशल एवं उपलब्धियों के बूते जनजाति क्षेत्र में रोल मॉडल के रूप में अपनी पहचान बन चुके है।

वे सामाजिक उत्थान के वाहक के रूप में एक सशक्त माध्यम हैं वहीं मैदान पर खिलाड़ियों ने अपनी गति, स्टिक स्किल, पासिंग, डिफेंस, शूटिंग एवं टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।

कई मुकाबले बेहद संघर्षपूर्ण रहे और खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक जीत के लिए पूरा दमखम लगाया। इन मुकाबलों में उदयपुर एवं आसपास के जनजाति क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही।

महिला वर्ग में सुनीता मीणा, डाली गमेती, यशोदा गमेती, मीरा दौजा, जुला कुमारी गुर्जर, यशिष्ठा बत्रा, विशाखा मेघवाल, रोशनी बोस, जानवी राठौड़, नीमा गमेती, प्रीति मीणा, चंदा गमेती एवं डिंपल गमेती ने शानदार प्रदर्शन किया।वहीं पुरुष वर्ग में मोहनलाल गमेती, खुमाराम गमेती, दयाशंकर गमेती, नारायण लाल गमेती, निशांत नागदा, राजेश गमेती, मोहित डांगी, नीरज मीणा, मनीष पुर्बिया, दिग्विजय सिंह, सागर गमेती एवं प्रवीण गमेती ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से मुकाबलों को रोमांचक एवं संघर्षपूर्ण बना दिया।खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने संदेश दिया कि जनजाति क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

यदि खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य और प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और सकारात्मक सोच से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि पलायन, बाल विवाह एवं नशे जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है।

खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देकर समाज में बेहतर बदलाव लाया जा सकता है।

उन्होंने खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और खेल के साथ-साथ शिक्षा को भी निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों एवं उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

सभी ने नशे से दूर रहने, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।

रोमांचक मुकाबलों के समापन के बाद संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी द्वारा खिलाड़ियों को पारितोषिक प्रदान किए गए।

उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़कर वे अपने परिवार, समाज, उदयपुर और राजस्थान का गौरव बढ़ा सकते हैं।कार्यक्रम में लेक्रोज के वित्त पोषक राजस्थान माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) के अधिकारीगण की भी गरिमामय उपस्थिति रही, उनके द्वारा जनजाति क्षेत्र के खिलाड़ियों को मिल रहे सकारात्मक सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए लाभान्वित खिलाड़ियों व परिवारगण तथा प्रशिक्षकों ने आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्र विकास विभाग के उपायुक्त कृष्णपाल सिंह चौहान, निर्मला बिश्नोई, अमृता दाधीच, अनुराग शर्मा, जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल, उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा लक्ष्मण दास वैष्णव, प्रधानाचार्य धार भावना गुर्जर, प्रधानाचार्य राउमावि ऊंकार (शिशवी) भावना बत्रा, कर्मचारी नेता अरविंद सिंह राव, भैरू सिंह राठौड़ टेनिस प्रशिक्षक खेमराज गमेती सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।लेक्रोज मैचों का संचालन एवं खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रशिक्षक नीरज बत्रा द्वारा किया गया।

उन्होंने खिलाड़ियों को खेल की तकनीकी बारीकियों, आक्रमण, रक्षण, अनुशासन एवं टीमवर्क के संबंध में मार्गदर्शन दिया।


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