उदयपुर,सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू) के विज्ञान विभाग द्वारा ‘अंतरिक्ष विज्ञान से आध्यात्मिकता’ विषय पर एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अंतरिक्ष विज्ञान एवं आध्यात्मिक ज्ञान के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों को समग्र शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में प्रेरित किया।
अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा, FRSA ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वैज्ञानिक ज्ञान को आध्यात्मिक चिंतन के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और आध्यात्मिकता का संतुलित समन्वय शिक्षा को अधिक व्यापक बनाते हुए विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संगोष्ठी के प्रथम मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) भुवन जोशी, उदयपुर सौर वेधशाला, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), उदयपुर ने ‘सूर्य, चंद्रमा और उससे आगे की खोज: अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की यात्रा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों तथा वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के बढ़ते योगदान पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में श्री मदन गोविंदा दास ने ‘आध्यात्मिक विज्ञान बनाम भौतिक विज्ञान’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने वैज्ञानिक प्रगति और आध्यात्मिक मूल्यों के बीच संबंध को स्पष्ट करते हुए प्रतिभागियों को भौतिक उन्नति के साथ आंतरिक विकास एवं जीवन में संतुलन के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन अतिथि वक्ताओं के सम्मान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। संगोष्ठी ने वैज्ञानिक अन्वेषण और आध्यात्मिक चिंतन के बीच सार्थक संवाद के लिए एक अनूठा मंच प्रदान किया। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) प्रसून चक्रवर्ती, प्रो-प्रेसिडेंट, प्रो. (डॉ.) अमित गोयल, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज, सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, विशिष्ट अतिथि एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।