जैसलमेर, 11 अगस्त। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्वाचन साक्षरता क्लब अधिकारियों,महाविद्यालय प्राचार्यों एवं ईएलसी ब्रांड एम्बेसडर के साथ संवाद किया। उन्हांेने युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने, मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महाविद्यालय स्तर पर निर्वाचन साक्षरता गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इधर,स्वीप नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार ने उपस्थित संभागियांे को मतदाता जागरूकता के लिए जिला मुख्यालय से ग्राम पंचायत स्तर तक वृहद स्तर पर गतिविधियां आयोजित करने के लिए निर्देशित किया।
इस दौरान वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वरसिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत नागरिक की आवाज है और युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है। उन्होंने युवा मतदाताओं से मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करने, सही एवं तथ्यपरक जानकारी के आधार पर मतदान का निर्णय लेने तथा अफवाह, प्रलोभन और दबाव से दूर रहकर अपने मताधिकार का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने युवा मतदाताओं को अपने साथ-साथ परिवार एवं समुदाय के अन्य लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया। राज्य निर्वाचन आयोग ने ईएलसी अधिकारियों एवं युवा मतदाताओं से महाविद्यालयों में आयोजित सार्थक निर्वाचन साक्षरता गतिविधियों के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने तथा आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को टैग करने की अपील की। जिससे निर्वाचन साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों का संदेश अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जा सके। सभी ईएलसी क्लब अधिकारियों एवं प्राचार्यों के साथ राज्य निर्वाचन आयोग के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स का लिंक क्यूआर कोड के माध्यम से साझा किया गया।
कॉलेजों में ईएलसी को बनाएं लोकतंत्र की प्रयोगशालारू इस दौरान मतदाता पंजीकरण, मतदान एवं निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ-साथ मॉक पोल, भूमिका-अभिनय, क्विज एवं अन्य सहभागी गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, अफवाह एवं भ्रामक जानकारी के स्थान पर तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने तथा युवाओं के साथ संवाद के माध्यम से उनके प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान करने की आवश्यकता बताई गई।
रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाएं मतदान जागरूकताः राज्य निर्वाचन आयुक्त ने संवाद के दौरान महाविद्यालय स्तर पर निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता तथा मतदाता जागरूकता रैली जैसी गतिविधियों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस सहित अन्य अवसरों पर मतदाता जागरूकता से संबंधित नुक्कड़ नाटक एवं मतदान गीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और आमजन तक मतदान का संदेश पहुंचाने का भी आह्वान किया।
वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा की दी जानकारीरू राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वरसिंह ने कहा कि राजस्थान का पंचायती राज व्यवस्था के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है। देश में पंचायती राज की शुरुआत राजस्थान से ही हुई थी और अब वन स्टेट-वन इलेक्शन की पहल का सौभाग्य भी राजस्थान को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ चुनाव कराने का यह निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता, संसाधनों का बेहतर उपयोग और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
वीसी में जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी के साथ स्वीप गतिविधियों से जुडे अधिकारी उपस्थित रहे।