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भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण की वाणी है गीता भागवत:- इस्कॉन

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30 Nov 25
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भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण की वाणी है गीता भागवत:- इस्कॉन

*ज्ञान पर भारी कर्म योग*

 

गीता जयंती पर तैयारियां जोरो पर 

 

बांसवाड़ा।एक दिसम्बर गीता जयंती से शुरू हो कर पूरे माह विभिन्न कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान, आरती विधान अभिषेक पूजा सहित विभिन्न गतिविधियों को लेकर इस्कॉन केन्द्र बांसवाड़ा द्वारा कार्य योजना तैयार कर बड़े स्तर पर जनसंपर्क करते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं ।

 

इस हेतु सुभाष नगर प्रोफेसर कॉलोनी स्थित केंद्र पर आचार्य अभिनंदन निमाई दास और अभय गौरांग दास ,विश्व आत्मा दास प्रभु की अगुवाई में 41 सदस्यीय समिति गठन कर कार्य विभाजन किया गया ओर जनसंपर्क अभियान के तहत् शहर के विभिन्न इलाकों में सत्संग संकीर्तन भजन करते हुए भागवत गीता वितरण किया गया।

 

*गीता भागवत वितरण का लक्ष्य 5001निर्धारित*

 

इस अवसर पर भक्ति साधना युक्त होकर हिन्दू परिवार में 

सनातन संस्कृति, धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक व्यवस्था पर जोर,कल्याणकारी दैनिक जीवन में सुखद - समृद्ध परिवेश हेतु भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण की वाणी आज भी आवश्यक है यह कहना है आचार्य अभय गौरांग दास प्रभु का।

 

उन्होंने भागवत गीता के भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण के जैसी दृष्टी वैसी सृष्टि के कर्मयोग सूत्र सिद्धान्त की व्याख्या करते हुए आम जन जन तक प्रसार करने और पहुंचाने हेतु जिले का भागवत गीता वितरण का लक्ष्य 5001 निर्धारित किया गया ।

 

*गीता जी की शरण में कर्तव्य बोध*

 

असमंजस में पड़ा प्रत्येक व्यक्ति ही अर्जुन है। मनुष्य मन की वह स्थिति जब वो किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाता है उसी का प्रतिकात्मक रूप अर्जुन है। 

 

जीवन में जब - जब अनिर्णय की स्थिति में पहुँच जाओ और विवेक आपका साथ ना दे रहा हो कि आखिर कौन से मार्ग पर आगे बढ़ा जाए..?

 

 तो तब - तब आप गीता जी की शरण में चले जाना चाहिए़ 

                   

गीता जी हमें प्रत्येक अनिर्णय की स्थिति से बाहर निकालकर वास्तविक एवं श्रेष्ठ कर्तव्य का बोध कराती है।

 

 गीता की शरण में जाने के बाद अर्जुन ने कहा कि मेरा मोह नष्ट हो गया है और मैंने अपनी उस स्मृति को प्राप्त कर लिया है जो मुझे मेरे कर्तव्य पथ का बोध कराती है। 

                       

ठीक इसी प्रकार अर्जुन की ही तरह गीता जी द्वारा अपने प्रत्येक शरणागत जीव के संशयों का नाश कर उसे उसकी वास्तविक स्थिति एवं कर्तव्यों का बोध कराया जाता है। 

 

*जीवन के सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन का नाम ही श्रीमद्भगवद्गीता*

 

जीवन के सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन का नाम ही श्रीमद्भगवद्गीता है।

भगवान श्रीकृष्ण की अमृतवाणी श्रीमद्भगवद्गीता का आविर्भाव दिवस 01 /12/ 25 को हैं।

 

इस अवसर पर, भगवद्गीता के अमृतवाणी से आप सभी के जीवन में प्रेरणा और समर्पण का मार्ग प्रशस्त हो। 

 

श्री कृष्ण भगवान की शिक्षाओं के द्वारा हम सभी एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।

 

*गीता भागवत वितरण का संकल्प दिलाया*

 

समारोह में चंद्रकांता वैष्णव और साधिका श्रीमति रचना व्यास ने तुलसी नृसिंह आरती विधान अभिषेक सम्पन्न करते हुए अनेक साधक, साधिकाओं ,श्रद्धालुओं ने लागत मूल्य पर बिना लाभ के देकर सनातन संस्कृति और धर्म के प्रसार हेतु गीता भागवत वितरण की इच्छा जताने पर सभी को आचार्य ने संकल्प दिलाया गया।

 

*जनजाति ग्रामीण क्षेत्रों में सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु कार्यक्रम तय करेगा इस्कॉन*

 

इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, सत्संग संकीर्तन ओर ग्रामीण जनजाति परिक्षेत्र में भजन कीर्तन ओर भागवत कथा, पुराण व्याख्यान समागम हेतु गांव गांव में भागवत समिति गठित कर भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण भावनामृत भक्ति साधना युक्त होकर उनकी लीलाओं का प्रचार प्रसार करने हेतु आवश्यक कदम उठाएं जाने का निर्णय लिया गया।

 

*राजकीय ओर निजी स्कूल में कर्म भक्ति योग के कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे*

 

इस अवसर पर जिले के 51 सरकारी और निजी स्कूलों में भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण के सृष्टि से संस्कृति तक कर्म ज्ञान योग के व्याख्यान समागम किए जाएंगे।

 

इस अवसर पर धार्मिक भागवत अनुष्ठान में कृपाली भट्ट, मनोज मूंदड़ा,मुस्कान मूंदड़ा, कुशल, डिम्पल, सुनील,सुरेश, अक्षी शाबुनी मंडल , दीपिका, विभा अर्चना ,सोनल मुंदड़ा,अनिता, भारती, चैतन्य निखिल, अजय ,रौनक रतन किशोर पंड्या , अरुण व्यास,ओड्रिला , शिल्पा हिमानी पाठक ,नैमिष , निखिल ,नीरज पाठक ,अचिंत्य दृष्टि सहित भक्तों ने भाग लिया।


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