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राजस्थान कृषि महाविद्यालय के जे.सी. बोस हॉस्टल में मनाई गई डॉ. जगदीश चन्द्र बोस की 167वीं जयंती

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30 Nov 25
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राजस्थान कृषि महाविद्यालय के जे.सी. बोस हॉस्टल में मनाई गई डॉ. जगदीश चन्द्र बोस की 167वीं जयंती

उदयपुर, 30.11.2025 राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के जे.सी. बोस हॉस्टल में भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बोस की 167वीं जयंती बड़े उत्साह, सम्मान और प्रेरणादायक माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बोस के बहुमूल्य वैज्ञानिक योगदान, उनकी खोजों तथा अनुसंधान के प्रति उनकी समर्पित भावना से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत हॉस्टल प्रांगण में डॉ. बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद हॉस्टल वार्डन प्रोफेसर जी. एल. मीणा, ने डॉ. बोस के जीवन, उनके वैज्ञानिक कार्यों तथा भारतीय विज्ञान पर उनके प्रभाव पर प्रकाश डाला। डॉ. मीणा  ने बताया कि पौधों की संवेदनशीलता पर बोस के शोध एवं क्रेस्कोग्राफ के आविष्कार ने विश्व विज्ञान को नई दिशा प्रदान की।

छात्र भोला जाटव ने  “भारतीय विज्ञान में बोस का योगदान” विषय पर संक्षिप्त प्रस्तुतियाँ दी गईं। साथ ही कई विद्यार्थियों ने पोस्टर, स्लाइड प्रस्तुति एवं भाषणों के माध्यम से डॉ. बोस के जीवन से प्रेरित होने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान रेडियो संचार, माइक्रोवेव शोध तथा वनस्पति विज्ञान में बोस की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर सहायक हॉस्टल वार्डन  डॉ राम नारायण कुम्हार ने कहा कि—
“डॉ. बोस का जीवन जिज्ञासा, अनुशासन और वैज्ञानिक निष्ठा की अद्भुत मिसाल है। विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेकर अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।” साथ ही उनकी 167वीं जयंती पर, हम यह संकल्प लेते हैं कि—
हम विज्ञान का उपयोग समाज, पर्यावरण और मानव कल्याण के लिए करेंगे।
हम अनुसंधान में ईमानदारी, पारदर्शिता और जिज्ञासा को सर्वोपरि रखेंगे।
और हम भारत को विज्ञान और नवाचार में विश्व अग्रणी बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

जे.सी. बोस हॉस्टल में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा और सभी ने भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

 


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