उदयपुर । पंचायतीराज चुनाव 2026 के प्रथम चरण में गुरुवार को उदयपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।

गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई।

लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान किया।

जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशन में जिले की 10 पंचायत समिति क्षेत्रों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई।

जिले में प्रथम चरण में शाम 6 बजे तक कुल 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण के तहत जिले की पंचायत समिति गिर्वा, नाई, झाड़ोल, फलासिया, मावली, वल्लभनगर, भींडर, घासा, ओगणा तथा कुराबड़ में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान हुआ।

प्रथम चरण में जिला परिषद के 25 निर्वाचन क्षेत्रों तथा पंचायत समितियों के 160 वार्डों के लिए मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।

जिला परिषद सदस्य पद के लिए 65 तथा पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 435 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।मतदान केंद्रों पर सुबह से रेलमपेलप्रथम चरण के मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल रहा।

मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करते नजर आए। सुबह 10 बजे तक जिले में कुल 10.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो दोपहर 1 बजे तक बढ़कर 34.94 प्रतिशत पहुंच गया।

अपराह्न 3 बजे तक 48.86 फीसदी तथा शाम 6 बजे 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।यूं परवान चढ़ा लोकतंत्र के उत्सव का उत्साहमतदान के शुरुआती तीन घंटों के आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक वल्लभनगर पंचायत समिति 15.30 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रही थी।

इसके बाद गिर्वा में 15.10 प्रतिशत, नाई में 14.79 प्रतिशत, ओगणा में 13.76 प्रतिशत, मावली में 12.50 प्रतिशत तथा झाड़ोल में 10.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इसी प्रकार घासा में 9.46 प्रतिशत, फलासिया में 8.88 प्रतिशत, कुराबड़ में 7.10 प्रतिशत तथा भींडर में 5.73 प्रतिशत मतदान हुआ था।दोपहर 1 बजे तक पंचायत समिति नाई में सर्वाधिक 52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

वहीं फलासिया में 42.15 प्रतिशत, गिर्वा में 40.84 प्रतिशत, ओगणा में 38.23 प्रतिशत तथा झाड़ोल में 37.53 प्रतिशत मतदान हुआ।

इसी प्रकार घासा में 33.66 प्रतिशत, मावली में 33.40 प्रतिशत, कुराबड़ में 32 प्रतिशत, वल्लभनगर में 30.14 प्रतिशत तथा भींडर में 23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।अपराह्न 3 बजे तक जिले में 48.86 फीसदी मतदान हुआ।

इसमें पंचायत समिति भींडर में 40.79 फीसदी, घासा में 46.62 प्रतिशत, गिर्वा में 53.27 प्रतिशत, झाड़ोल में 51.26 फीसदी, कुराबड़ में 44.26 फीसदी, मावली में 45.54 फीसदी, नाई में 63.40 फीसदी, ओगणा में 57.12 फीसदी, फलासिया में 57.26 प्रतिशत तथा वल्लभनगर में 43.15 फीसदी मतदान दर्ज हुआ।शाम 6 बजे तक जिले में 63.81 फीसदी मतदान हुआ।

इसमें पंचायत समिति भींडर में 59.93, घासा में 61.05, गिर्वा में 68.11, झाड़ोल में 73.50, कुराबड़ में 57.14 फीसदी, मावली में 55.32, नाई में 79 फीसदी, ओगणा में 61.93, फलासिया में 71 तथा वल्लभनगर में 60.91 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान के लिए प्रशासन मुस्तैदजिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा।

मतदान केंद्रों पर निर्वाचन प्रक्रिया की सुचारु व्यवस्थाओं के साथ कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दे रहा ग्रामीण मतदाताओं का उत्साहपंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन को लेकर ग्रामीण मतदाताओं में दिखाई दे रहा उत्साह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संदेश दे रहा है।

स्थानीय विकास और गांव की सरकार के गठन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाता उत्साहपूर्वक मतदान केंद्रों तक पहुंचे।

मतदान के शुरुआती घंटों की तुलना में दोपहर तक मतदान प्रतिशत में हुई उल्लेखनीय वृद्धि ग्रामीण मतदाताओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।पहली बार मतदान का रोमांचपंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में लोकतंत्र के महापर्व को लेकर पहली बार मतदान कर रहे युवा मतदाताओं में विशेष उत्साह नजर आया।

गांव की सरकार चुनने के लिए पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर खुशी और गर्व के भाव दिखाई दिए। मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं की भागीदारी ने लोकतंत्र के इस उत्सव में नई ऊर्जा का संचार किया।

युवाओं ने उत्साहपूर्वक मतदान कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

पहली बार मतदान करने का रोमांच और गांव के विकास में अपनी भूमिका निभाने का उत्साह युवाओं में स्पष्ट दिखाई दिया।उम्र का पड़ाव भी नहीं रोक पाया लोकतंत्र के प्रति समर्पणलोकतंत्र के प्रति आस्था और मतदान के प्रति अटूट संकल्प की प्रेरणादायी तस्वीरें पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में देखने को मिलीं।

उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके बुजुर्ग मतदाताओं ने भी गांव की सरकार चुनने में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। उम्र संबंधी परेशानियों के बावजूद बुजुर्ग मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतांत्रिक कर्तव्य का निर्वहन किया।

बुजुर्गों का यह उत्साह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश बना।

उन्होंने अपने मतदान से यह साबित किया कि लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बन सकती।हौसलों के आगे छोटी पड़ी बाधाएंपंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में दिव्यांग और बीमार मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और जागरूकता का परिचय दिया।

शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दिव्यांग मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। वहीं कई स्थानों पर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मतदाताओं ने भी बूथों पर पहुंच कर वोट किया।

गोटिपा निवासी संतोष कुंवर गंभीर रूप से अस्वस्थ तथा डायलिसिस पर हैं, इसके बावजूद उन्होंने मतदान केंद्र पहुंच कर मताधिकार का प्रयोग किया।

मतदान के प्रति उनकी सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत की अहमियत है।आदर्श मतदान केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाओं से मतदाताओं को मिली राहतपंचायतीराज चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान के दौरान आदर्श मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं देखने को मिलीं।

मतदान केंद्रों पर छाया, बैठक व्यवस्था और शुद्ध पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के माकूल इंतजाम किए गए। इन व्यवस्थाओं से मतदान के लिए पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं एवं अन्य मतदाताओं को विशेष राहत मिली।

सुव्यवस्थित सुविधाओं के चलते मतदाताओं ने सहज एवं सुविधाजनक वातावरण में अपने मताधिकार का उपयोग किया।सेवा और समर्पण की मिसाल बने स्वयंसेवकमतदान के दौरान एनएसएस एवं स्काउट स्वयंसेवकों ने सेवा और समर्पण की अनुकरणीय मिसाल पेश की।

मतदान केंद्रों पर तैनात स्वयंसेवकों ने मतदाताओं की सहायता में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग किया।

स्वयंसेवकों की सेवाभावी तत्परता से मतदाताओं को सुविधा मिली तथा मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। लोकतंत्र के इस महापर्व में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने सामाजिक सरोकार और सेवा भावना का प्रेरणादायी संदेश दिया।