जैसलमेर, राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार रात्रि को स्वर्णनगरी के हृदय स्थल हनुमान सर्किल स्थित नेहरू पार्क में भव्य एवं अविस्मरणीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने शहर की फिज़ा में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, गौरव और एकता का संचार कर दिया। “वन्दे मातरम्” के स्वरों से गुंजायमान नेहरू पार्क में हर आयु वर्ग के नागरिकों का सैलाब उमड़ पड़ा, जो राष्ट्रप्रेम के रंग में पूरी तरह रंग गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने शिरकत की। जबकि जिला कलक्टर प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी, उपखण्ड अधिकारी सक्षम गोयल एवं सहायक निदेशक लोक सेवाएं रोहित वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सुर,नृत्य एवं देशप्रेम का संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। जमाल खान एंड पार्टी ने “मारो प्यारो राजस्थान...” एवं “जहां डाल-डाल सोने की चिड़िया...” जैसी प्रस्तुतियों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। वहीं, लोक कलाकार आवड़दन राव सैन ने “वन्दे मातरम् सुजलं सुफलाम...” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यार्थियों ने किया स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत चित्रण
लीटिल हार्ट स्कूल के विद्यार्थियों ने “कंधों से मिलते हैं कंधे...” गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर आज़ादी के आंदोलन की भावना को जीवंत कर दिया। डांडी यात्रा एवं नमक आंदोलन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों से खूब वाहवाही बटोरी।
महात्मा गांधी पुलिस लाइन विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह की वीरता पर आधारित “चिड़ियों से मैं बाज लडाऊ...” गीत पर जोशीली प्रस्तुति दी, जिससे कार्यक्रम स्थल वीरता एवं गर्व से भर गया।
सेंट पॉल विद्यालय के विद्यार्थियों ने “ऑपरेशन सिंदूर” विषय पर “आरंभ है प्रचंड...” और “महाकाल... ओम नमः शिवाय...” जैसी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से दर्शकों में रोमांच भर दिया।
स्वतंत्रता सेनानी परिवार का हुआ सम्मान
इस अवसर पर विधायक छोटूसिंह भाटी एवं जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने जैसलमेर के स्वतंत्रता सेनानी लालचंद जोशी की परिजन सखी देवी का अभिनंदन कर उन्हें नमन किया।
विधायक भाटी ने कहा कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा में रची-बसी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और त्याग की भावना का प्रतीक है। यह दिन हमें उन अमर शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।” कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
वन्दे मातरम् प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लगाई गई जिला स्तरीय प्रदर्शनी में वन्दे मातरम् के इतिहास, रचनाकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन परिचय और गीत से जुड़ी प्रमुख घटनाओं को चित्रों और उद्धरणों
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