मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में स्वीकृत कार्यो की शीघ्र ही तकनीकी स्वीकृति जारी करावें- जिला कलक्टर
जैसलमेर। जिला कलक्टर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं, विभिन्न विभागों के प्रगतिरत कार्यों, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त परिवादों, सम्पर्क पोर्टल पर लंबित परिवादों, विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, ई-फाइलिंग, अंतर्विभागीय मुद्दों, ई-श्रम योजना, प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पी.एम सूर्यघर योजना, कर्मभूमि से मातृभूमि योजना सहित अन्य गतिविधियों की विस्तार से प्रगति की समीक्षा की एवं अधिकारियों को आवंटित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तकनीकी स्वीकृति जारी करावें
जिला कलक्टर ने बैठक में मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में स्वीकृत कार्यो की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित कार्यकारी एंजेसी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे शीघ्र ही इन कार्यो की तकनीकी स्वीकृति जारी करावें ताकि समय पर वितीय स्वीकृति जारी की जा सकें। उन्होनें एमपी एवं एम एल ए लेड में बकाया उपयोगिता प्रमाण पत्रों के मामलों में सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिये कि वे पूर्ण कार्यौ का आगामी बैठक तक उपयोगिता प्रमाण पत्र जिला परिषद में प्र्रस्तुत कर दे।
पटट्ा जारी करावें
उन्होनें पटट्ा रहित विद्यायलयों के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्र के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद व नगर परिषद क्षेत्र के लिए आयुक्त नगर परिषद वे इन विद्यायलयों को शीघ्र ही पटट्ा जारी करवा दे। इसके साथ ही विद्युत विहीन विद्यालयों के सम्बन्ध में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ऐसे विद्यालयों के लिए डिमांड राशि जारी करने के लिए आवेदन कर दिये है।
फलैग्शिप योजनाओं पर विशेष रखे फोकस
जिला कलक्टर ने फलेगशिप योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे योजना में समय पर उपलब्धि हासिल करे। उन्होनें सहायक निदेशक सामाजिक न्याय को निर्देश दिये कि वे पालनहार एवं पेन्शनर्स लाभार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन शीघ्र ही करावे, श्रम कल्याण अधिकारी को ई-श्रम योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिये।
इन प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निस्तारण
उन्होंने राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, मुख्यमंत्री कार्यालय, संपर्क पोर्टल, संबंधित न्यायालयों सहित अन्य आयोगों में दर्ज प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारी को अब तक बकाया पड़े परिवादों के संबंध में चर्चा की एवं निर्देश दिए कि वे ऐसे प्रकरणों प्राथमिकता से कार्यवाही कर निस्तारित करावें।
सम्पर्क पोर्टल में दर्ज प्रकरणों का हो शीघ्र समाधान
जिला कलक्टर ने संपर्क पोर्टल की प्रगति की चर्चा करते हुए अधिकारियो को निर्देश दिए कि वे तय समय सीमा में सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का शीघ्र समाधान करे । साथ ही 30 दिन या इससे अधिक अवधि के लम्बित दर्ज प्रकरणों को गंभीरता से लिया एवं संम्बधित अधिकारियों को इन प्रकरणों का समयबद्ध नियमानुसार प्रभावी ढंग से निस्तारित करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंनंे औसत डीस्पोजल टाईम कम करने एवं निस्तारित प्रकरणों में संतूष्टि प्रतिशत बढाने विशेष बल दिया।
विभागवार ई-फाइलिंग की पेंडेंसी एवं प्रगति पर चर्चा
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने कार्यालय के कार्य ई-फाइलिंग के मध्यम से तय समय सीमा में सुसंपादित करने एवं संबंधी कार्य की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार ई-डाक की पेंडेंसी एवं प्रगति के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। साथ ही, उन्होंने एवरेज डिस्पोजल टाइम में ओर कमी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ये रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रश्मि रानी, सहायक निदेशक लोकसेवाए रोहित वर्मा सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपने विभाग से सम्बन्धित संचालित योजनाओं एवं कार्यो की प्रगति से अवगत करवाया।
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