जैसलमेर । कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का माननीय प्रधानमंत्री द्वारा हस्तांतरण एवं किसानो को संबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के खातों में 2000 रुपये की 21वीं किस्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 सम्मेलन से जारी की । इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जिले के किसानो को दिखाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र पर व्यवस्था की गई प्
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसान भाइयो एवं बहनों को प्राकृतिक खेती एवं श्री अन्न की खेती से पुनः जुड़ना अपनी जड़ो से जुड़ने के समान बताते हुए इसके पर्यावरण, खेती एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावो और आवश्यकता पर चर्चा की । उन्होंने हमारे देश में प्राचीनकाल से प्राकृतिक खेती से जुडाव के उदाहरण प्रस्तुत कर इसके प्रति किसानो को जागरूक होने एवं अपनाने हेतु संबोधित किया । निरंतर शोषित धरा पर पोषण की कल्पना पर बात करते हुए रसायन मुक्त खेती करने की बात कही।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एव अध्यक्ष डॉ दीपक चतुर्वेदी ने किसानो के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ¼PM KISAN½ योजना पर बात करते हुए किसानो को जिले की प्रमुख फसलो जैसे जीरा , चना , इसबगोल , बाजरा पर वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का उपयोग करते हुए खेती में नवाचारी तकनीको का उपयोग करने पर बल दिया । उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिको को जिले की फसलो का उत्पादन बढाने , किसानो का क्षमता वर्धन , उन्नत बीज उपलब्धता पर जानकारी एवं उत्पादन लागत कम करने, मृदा परिक्षण कार्ड से किसानो को जोड़ने जैसे प्रमुख काम विशेष प्राथमिकता से करने पर बल दिया ।
काज़री के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राधेश्याम मेहता ने जिले के किसानो को कृषि में वैज्ञानिक नवाचारों को अपनाकर खेती में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करने का आह्वाहन किया । कृषको के साथ मौसम अनुकूल खेती एव प्राकृतिक खेती पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया की कृषको को कम पानी वाली फसलो की किस्मो एव मृदा में कार्बनिक जीवांश बढाने हेतु हरी खाद को अपनी खेती में सम्मिलित करना चाहिये । कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गाँवो सांवला, बड़ोडा गांव, लाणेला, रीदवा, भोजका, कुम्हारकोठा, कोटड़ी, कपूरिया आदि गाँवो से बड़ी संख्या में किसानो ने भाग लिया । कार्यक्रम का संचालन एवं प्रबंधन केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ चारू शर्मा, अतुल गालव ने किया ।
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