बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान

-मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को मिला नया आधार

-12 लाख ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर होकर बनीं लखपति दीदी -

- 4.14 लाख स्कूली छात्राओं को 181 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता

-लाडो प्रोत्साहन योजना में 4.60 लाख बालिकाओं को मिली पहली किश्त

 -5.09 लाख महिलाओं को मिला मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना का लाभ

जैसलमेर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल सरकार के विकसित राजस्थान के विजन में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त महिलाओं का अहम स्थान है  राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनकर देश और प्रदेश के विकास में भागीदार बनें। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए गत दो वर्षों में बच्चियों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्यशिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भी गंभीर प्रयास किये गए हैंजिससे इनका लाभ हर उम्र और वर्ग की महिलाओं को मिलना सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश में महिलाएं लखपति दीदीमुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रोत्साहन योजनालाड़ो प्रोत्साहन योजनाबेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओमातृ वंदना योजनामुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजनामुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना और कालीबाई भील निःशुल्क स्कूटी योजना जैसी अनेकों महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त नारीसशक्त समाज की अवधारणा को साकार कर रही हैं।

 रसोई गैस पर मिली 867 करोड़ रूपये की सब्सिडी

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना 1 जनवरी 2024 को  शुरू की गई। इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र परिवारों को भी शामिल किया गया है। पूर्व में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के चिह्नित लाभार्थियों एवं प्रदेश के बीपीएल परिवारों को ही इस योजना का लाभ प्रदान किया जा था। योजना के तहत पात्र परिवारों को मात्र 450 रूपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 4.82 करोड़ गैस सिलेंडर रिफिलिंग कर लाभार्थियों को 867 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को कोयले और लकड़ी के धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वास्थ्य के जोखिम को कम किया है।

 4.14 लाख स्कूली छात्राओं को 181 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की बालिकाओं को शिक्षा के अवसर सुलभ कराने के लिए शरूआती शिक्षा से उच्च शिक्षा तक अनेक प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्कूली छात्राओं को आर्थिक संबल के लिए 4.14 लाख बालिकाओं को 181 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। कृषि और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से  महिलाओं को कृषि शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि संकाय में अध्ययनरत 58 हजार 397 छात्राओं को लगभग 103 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्राओं को 10.51 लाख साइकिलें और 39,586 स्कूटियाँ वितरित की गई हैंजिससे उच्चतर शिक्षा तक उनकी पहुँच आसान हो सकी

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