जैसलमेर। जिला मजिस्ट्रेट प्रताप सिंह ने मकर संक्रांति पर्व के दौरान जन-जीवन, पक्षियों की सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। आदेशानुसार जैसलमेर जिले की राजस्व सीमा में धातुओं के मिश्रण से बने मांझे—जिन्हें सामान्यतः चाइनीज मांझा, नायलोन, प्लास्टिक मांझा या सिंथेटिक, टॉक्सिक सामग्री (आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर आदि) से निर्मित पक्का धागा कहा जाता है, की थोक एवं खुदरा बिक्री, भंडारण, परिवहन एवं उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऐसे मांझे दोपहिया वाहन चालकों व आमजन के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, पक्षियों के लिए घातक हैं एवं विद्युत सुचालक होने से विद्युत तारों के संपर्क में आने पर जान-माल का नुकसान और बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंका रहती है। इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, राजस्थान खंडपीठ जयपुर (डी.बी. सिविल रिट पिटीशन (PIL) नं. 15793/2011) तथा माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली (प्रकरण सं. 384/2016) के निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित किया गया है।

पक्षियों की सुरक्षा के लिए समयबद्ध प्रतिबंध

आदेशानुसार आमजन को यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रातः 6.00 से 8.00 बजे एवं सायं 5.00 से 7.00 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि पक्षियों को होने वाली क्षति से बचाव किया जा सके।

कठोर कार्रवाई का प्रावधान

आदेश की अवहेलना या उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश 25 दिसंबर, मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।

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