श्रीगंगानगर। गंगनहर प्रणाली में जल उपयोक्ता संगमों, पटवारियों द्वारा जल उपयोक्ता संगमों के मुख्यालय पर सिंचाई शुल्क वसूली हेतु शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
जल संसाधन वृत श्रीगंगानगर के अधीक्षण अभियंता श्री धीरज चावला ने बताया कि पूर्व में काश्तकारों को सिंचाई शुल्क जमा नहीं कराने की स्थिति में बारी से वंचित किये जाने के संबंध में सूचित किया गया था। इसके बावजूद काश्तकारों द्वारा सिंचाई शुल्क जमा कराने में रूचि नहीं ली जा रही है, जिस कारण सिंचाई शुल्क की बहुत कम वसूली हो रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बकाया राशि उत्तर खण्ड, श्रीगंगानगर 316.16 लाख रूपये, दक्षिण खण्ड श्रीगंगानगर 236.04 लाख रूपये और खण्ड रायसिंहनगर 294.38 लाख रूपये है। अधिशाषी अभियंता जल संसाधन उत्तर खण्ड श्रीगंगानगर द्वारा 3 से 14 नवम्बर 2025 तक, दक्षिण खण्ड श्रीगंगानगर द्वारा 3 से 13 नवम्बर 2025 एवं खण्ड रायसिंहनगर द्वारा 3 से 14 नवम्बर 2025 तक सिंचाई शुल्क की वसूली हेतु शिवर लगाये जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें दो या दो से अधिक फसलों का बकाया सिंचाई जमा नहीं करवाने पर सिंचाई नियमों के तहत कार्यवाही की जायगी। सिंचाई नियमों सिंचाई बारी भी विवर्जित की जा सकती है। इसलिए सभी किसान से अपील है कि अपना-अपना सिंचाई शुल्क विभाग द्वारा लगाये जा रहे शिवर में उपस्थित अध्यक्ष या पटवारी को जमा करवा देवें।

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