मुंबई, गणेश चतुर्थी ऐसा त्यौहार है, जो परिवारों, दोस्तों और समुदायों को एक साथ लाता है, साथ ही हर कोने को भक्ति, खुशी और उत्सव से भर देता है।

जहाँ मुंबई अपने भव्य उत्सवों के लिए जानी जाती है, वहीं अपने गृहनगर से दूर रहकर मनाना भी पुरानी परंपराओं और पारिवारिक उत्सवों की यादें ताज़ा कर देता है।

इस गणेश चतुर्थी पर सोनी सब के कलाकार गुलकी जोशी, करुणा पांडे, चंदन आनंद, तोरल रसपुत्रा और सरिता जोशी साझा कर रहे हैं कि उन्हें अपने घर पर बप्पा का उत्सव मनाने की कौन-सी बातें सबसे ज़्यादा याद आती हैं, क्या वे मुंबई में रहते हुए भी बप्पा को घर लाते हैं और शहर की उत्सवमय ऊर्जा में उन्हें सबसे ज़्यादा क्या आनंद देता है।

गुलकी जोशी, जो यादें में डॉ. सृष्टि का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “मैं आधी महाराष्ट्रीयन हूँ, इसलिए गणेश चतुर्थी हमेशा से ऐसा त्यौहार रहा है, जिससे मेरा गहरा जुड़ाव रहा है।

इंदौर से होने के कारण मुझे अपने परिवार के साथ घर पर उत्सव मनाना याद आता है, लेकिन मुंबई का अपना अलग आकर्षण है। मुझे खास तौर पर उकडीचे मोदक का इंतज़ार रहता है और यह देखना अच्छा लगता है कि पूरा शहर बप्पा के लिए एक साथ आता है।

मेरे लिए परिवार के साथ इन उत्सव पलों को साझा करना ही इस जश्न को वास्तव में खास बनाता है।”

करुणा पांडे, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में पुष्पा का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “मैं उत्तराखंड से हूँ, इसलिए वहाँ त्यौहार मनाने का तरीका महाराष्ट्र की भव्य गणेश चतुर्थी से काफी अलग है।

मुंबई आने के बाद मुझे यह बहुत सुंदर लगा कि लोग बप्पा को घर लाते हैं और इतने प्यार व भक्ति से उत्सव मनाते हैं। मुझे खास तौर पर अपने दोस्तों को बप्पा का स्वागत करते देखना अच्छा लगता है।

यह मुझे बचपन की एक सरल याद भी दिलाता है कि घर पर हर पूजा हमेशा गणेश जी की पूजा से शुरू होती थी। मैंने बचपन से ही सुना है कि उनके आशीर्वाद के बिना कुछ भी पूर्ण नहीं लगता।”

चंदन आनंद, जो हस्तिनापुर के वीर में शकुनि का किरदार निभा रहे हैं, साझा करते हैं, “मैं दिल्ली से हूँ, इसलिए मुझे अपने परिवार के साथ घर पर त्यौहार मनाना याद आता है।

लेकिन, मुंबई में गणेश चतुर्थी की ऊर्जा बिल्कुल अलग है। मुझे यह देखना बहुत अच्छा लगता है कि लोग बप्पा को घर लाते हैं और पूरा शहर ढोल-ताशा, शोभायात्राओं और उत्सवों से जीवंत हो उठता है।

घर से दूर होने पर भी मुंबई के उत्सवों का हिस्सा बनना मुझे शामिल होने का एहसास दिलाता है।”

सरिता जोशी, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में राधा का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “मुझे बप्पा को घर लाना बहुत अच्छा लगता है।

एक मराठी परिवार से होने के कारण गणेश चतुर्थी हमेशा मेरे लिए बेहद खास त्यौहार रहा है और वडोदरा में बड़े होते हुए इसे मनाने की यादें आज भी मेरे दिल के करीब हैं।

पहले मैं सात दिनों तक बप्पा का स्वागत करती थी और वे दिन हमेशा खुशी, अपनापन और परिवार व दोस्तों के साथ बिताए पलों से भरे रहते थे। आज मुझे मुंबई के भव्य उत्सवों का अनुभव करना भी बहुत अच्छा लगता है, जहाँ पूरा शहर अद्भुत ऊर्जा और भक्ति से जीवंत हो उठता है।

चाहे घर पर अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाना हो या बाहर निकलकर मुंबई की उत्सवमय भावना का अनुभव करना, बप्पा को घर लाना मेरे लिए हमेशा बेहद खास और खुशी से भरा अवसर होता है।”

सोनी सब पर यादें, हस्तिनापुर के वीर और पुष्पा इम्पॉसिबल देखना न भूलें।