सिरोही। रोहिडा में श्री महावीर स्वामी जिनालय अजंनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के छठे दिन पू. आचार्य भगवंत रविरत्नसूरीश्वरजी म. सा., जयेशरत्नसूरीश्वरजी म. सा. एवं पन्यांस वैराग्यरत्नविजय जी म. सा की निश्रा में कई कार्यक्रम हुऐ। मंदिर मे देवी पूजन, 18 अभिषेक हुऐ, चढावा जाजम बिछाने के लाभार्थी रोहिडा जैन संघ के अध्यक्ष श्री शांतिलालजी केसरीमलजी जैन के घर गुरू महाराज के पावन पगले, वर्षीतप पारणा कराने के लाभार्थी श्रीमती मीठी बेन ताराचंदजी के गृह आंगण में भी पगले किए गए। तत्पश्चात वर्षीतप के तपस्वी साध्वीजी मोक्षम् रेखाश्रीजी म. सा. एवं अन्य रोहिडा निवासी आठ भाई-बहनो के वर्षीतप के पारणा कराए गए। साध्वीजी भगवंत ने छोटी उम्र में 400 दिन एकांतरा उपवास करके यह बडा वर्षीतप पूर्ण किया। आज के दिन भगवान आदिनाथ जिनालय में इशु रस से अभिषेक करने के बाद पुरे देश में वर्षीतप के तपस्वीयों के पारणे होते हैं। इसी तरह कल से पुनः एक वर्ष के लिए वर्षीतप की तपस्या शुरू होगी जिसमें तपस्वी वर्ष भर में एक दिन भोजन ओर दुसरे दिन उपवास करेगें।
दोपहर में क्षत्रियकुंड नगरी में आज भगवान महावीर के पिता राजा सिद्धार्थ, माता त्रिशला रानी द्वारा उत्साहपूर्वक जन्म कल्याणक उत्सव मनाया गया। पुत्र रत्न की बधाई देने प्रियवंदा दासी संगीत के साथ नाचती-कंुदती नगरी में आई। जन्म बधाई सुनकर राजा-रानी पुरा राज दरबार एवं पुरे भरे हुऐ पंडाल के लोग झुम उठे एवं नाच गान करने लगे। फिर भगवान का नामकरण भुआ-भुआरोसा द्वारा दिया गया। पाठशाला गमन आदि कार्यक्रम हुए। रात्रि में भक्ति भावना का भी भव्य कार्यक्रम हुआ।
सियाकरा में भी हुऐ वर्षीतप पारणे
आज आचार्य भगवंत रत्नाकरसूरीश्वरजी की पावन निश्रा में प्राचीन तीर्थ सियाकरा में वर्षीतप के तपस्वीयो ने पारणे कियें। यहां पर पारणे करवाने का लाभ सिरोही निवासी ज्ञानचंदजी पुनमचंदजी गांधी परिवार के किशोर गांधी परिवार ने लिया। इसी तरह अनादरा में भी वर्षीतप के पारणे हुऐ।