GMCH STORIES

छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों की हायर पेंशन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें

( Read 276 Times)

14 Jan 26
Share |
Print This Page
छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों की हायर पेंशन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें

उदयपुर/चित्तौड़गढ़।चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों को हायर पेंशन का लाभ शीघ्र दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार 12 जनवरी 2026 को भविष्य निधि विभाग कार्यालय, उदयपुर पहुंचकर विभागीय अधिकारियों से चर्चा की।

इस अवसर पर आयुक्त पी.के. सिन्हा, उप आयुक्त अजय यादव एवं पीआरओ संजय दुग्गड़ ने सांसद जोशी का पगड़ी, माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला

सांसद जोशी, आयुक्त एवं पेंशनरों की बैठक में राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के निर्णय की अनुपालना में छूट प्राप्त एवं बिना छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों से फरवरी से अगस्त 2023 के बीच हायर पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन भरवाए गए थे।

उन्होंने बताया कि बिना छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों को पिछले दो वर्षों से हायर पेंशन मिल रही है, लेकिन भविष्य निधि विभाग द्वारा 18 जनवरी 2025 को जारी परिपत्र के माध्यम से छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों के आवेदन कंपनी ट्रस्ट नियमों का हवाला देकर अस्वीकार कर दिए गए, जो पूर्णतः अतार्किक है।

कई हाईकोर्ट के निर्णय पेंशनरों के पक्ष में

बैठक में बताया गया कि—

शिमला (22 सितंबर 2023)

मद्रास (28 अक्टूबर 2024)

मदुरई (2 फरवरी 2025)

कोलकाता (14 व 21 नवंबर 2025, 6 जनवरी 2026)

लखनऊ (19 दिसंबर 2025)

तेलंगाना हाईकोर्ट (9 जनवरी 2026)

ने ईपीएफओ के 18 जनवरी 2025 के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त किया है तथा सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के निर्णय की अनुपालना करने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही, टाटा स्टील व भेल जैसी छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों को हायर पेंशन हेतु जारी डिमांड नोटिस की प्रतिलिपियां भी आयुक्त को सौंपी गईं।

सांसद जोशी ने आयुक्त से तीखे सवाल पूछे

बैठक के दौरान जब आयुक्त द्वारा अधूरी जानकारी दी गई तो सांसद जोशी ने हस्तक्षेप करते हुए पूछा—

पीएफ अंशदान और ईपीएस-95 पेंशन अंशदान अलग-अलग होने के बावजूद दोनों को लिंक क्यों किया जा रहा है?

सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में देरी क्यों हो रही है?

लगभग 100 पेंशनरों द्वारा भेजे गए स्पीड पोस्ट आवेदनों का अब तक जवाब क्यों नहीं दिया गया?

इस पर आयुक्त ने स्वीकार किया कि हेड ऑफिस के निर्देशों के कारण वे निर्णय लेने में असमर्थ हैं।

दिल्ली जाकर समाधान का भरोसा

सांसद जोशी ने निर्देश दिए कि आज की बैठक की बिंदुवार रिपोर्ट भविष्य निधि विभाग के हेड ऑफिस नई दिल्ली, सांसद कार्यालय चित्तौड़गढ़ एवं राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक को ई-मेल से भेजी जाए।

उन्होंने कहा,

“मैं 28 जनवरी को दिल्ली जा रहा हूं और हेड ऑफिस से हरी झंडी दिलाकर इस समस्या का समाधान करवाऊंगा।”

चित्तौड़गढ़ में भविष्य निधि कार्यालय की मांग

बैठक में सांसद जोशी ने चित्तौड़गढ़ जिले में प्रस्तावित भविष्य निधि कार्यालय की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी। उन्होंने बताया कि जिंक कारखाना, सीमेंट फैक्ट्रियां, आरएपीपी, फर्टिलाइजर, पावर प्लांट व ग्लास फैक्ट्रियों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में राष्ट्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रभुलाल शर्मा, सुधीर मेहता एवं अशोक जैन ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार प्रस्तुत किए।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like