GMCH STORIES

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण, देशभर की महिलाओं में रोष

( Read 1319 Times)

18 Apr 26
Share |
Print This Page
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण, देशभर की महिलाओं में रोष

नई दिल्ली/उदयपुर। नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर से आमंत्रित महिलाओं के उत्साह के बीच उस समय निराशा का माहौल बन गया, जब संसद में विपक्षी दलों द्वारा अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए इस अधिनियम का विरोध किया गया, जिससे यह लागू नहीं हो सका। इस घटनाक्रम की देशभर से आई महिलाओं ने कड़ी निंदा की और इसे महिलाओं के अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता बताया। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया सांसद डॉ मन्नालाल रावत जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा विधायक फूल सिंह मीणा प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रमोद सामर महामंत्री पारस सिंघवी देवीलाल सालवी पंकज बोराणा पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत पूर्व महापौर चंद्र सिंह कोठारी  रजनी डांगी  जीएस  टांक पूर्व जिला अध्यक्ष मांगीलाल जोशी दिनेश भट्ट ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहां की आगामी चुनाव में जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी।

मीडिया प्रभारी डॉ सीमा चंपावत ने बताया कि उदयपुर से दिल्ली जाकर इस कार्यक्रम में सहभागिता करने वाली महिलाओं में शहर जिला मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत पिंकी मांडावत डॉ. सोनिका जैन रितु अग्रवाल सोनल मीणा रीता पुरी गोस्वामी खुशबू राठौड़ एवं लक्ष्मी आहारी प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
इस विषय पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल थी, लेकिन विपक्ष का विरोध महिलाओं की आकांक्षाओं के विपरीत है। 
जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान अधिकार और भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष द्वारा इसका विरोध करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह विरोध न केवल महिलाओं की भावनाओं के विपरीत है, बल्कि देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण के प्रयासों को भी कमजोर करता है। 
महिला दल जो दिल्ली पहुंचा उन महिलाओं के अनुसार मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत ने कहा कि देशभर से आई महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है और यह निर्णय महिलाओं के सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा उत्पन्न करता है। पिंकी मांडावत ने कहा कि महिलाओं के हक की इस लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ. सोनिका जैन ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने का माध्यम था, जिसे रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। रितु अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं की आवाज को दबाने का यह प्रयास निंदनीय है।
सोनल मीणा ने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करेंगी। रीता पुरी गोस्वामी ने कहा कि यह विरोध महिलाओं की प्रगति के खिलाफ है। 
कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं ने एक स्वर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए विपक्ष के इस निर्णय की कड़ी निंदा की।
 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like