एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ मामले में चिकित्सकों की टीम ने 28 सप्ताह की गर्भवती महिला की सफलतापूर्वक सुरक्षित डिलीवरी करवाई। महिला हॉस्पिटल के हृदय रोग विभाग में भ्रूण की ECHO जांच के लिए पहुंची थी, जहां जांच के दौरान पता चला कि गर्भ में भ्रूण की मृत्यु हो चुकी है।
जांच के दौरान डॉ रमेश पटेल (cardiology) ने diagnose किया कि महिला को गंभीर Aortic Stenosis है, जो WHO ग्रेड-IV हृदय रोग की श्रेणी में आता है।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ नलिनी शर्मा ने बताया कि इस स्थिति में गर्भावस्था को अत्यंत उच्च जोखिम वाला माना जाता है और सामान्यतः ऐसी स्थिति में गर्भधारण को निषिद्ध (contraindicated) माना जाता है और प्रसव दौरान माँ की मृत्यु होने की संभावना अत्यधिक होती है!
इतनी गंभीर परिस्थिति के बावजूद डॉ. नलिनी शर्मा (स्त्री रोग विशेषज्ञ) के नेतृत्व में गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के स्त्रीरोग विभाग की टीम ने अत्यंत सावधानी, सतत निगरानी और विशेषज्ञता के साथ महिला की सुरक्षित सामान्य (वेजाइनल) डिलीवरी करवाई। इस दौरान हृदय रोग टीम ने मरीज की हृदय स्थिति पर लगातार निगरानी रखी।
सुरक्षित प्रसवोपरांत महिला की हृदय की शल्यक्रिया प्रस्तावित है।