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GMCH :जटिल ऑपरेशन के बाद 30 वर्षीय महिला बनी दोबारा मां

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21 Mar 26
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GMCH :जटिल ऑपरेशन के बाद 30 वर्षीय महिला बनी दोबारा मां

 

उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कैंसर केयर यूनिट में एक अत्यंत दुर्लभ एवं जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 30 वर्षीय महिला को नया जीवन प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि इस जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की दूसरी प्रेगनेंसी भी पूरी तरह सफल रही और वह वर्तमान में सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला के गले/छाती की हड्डी (स्टर्नम) में एक अत्यंत दुर्लभ ट्यूमर विकसित हो गया था। इस ट्यूमर की पहचान कई अस्पतालों में जांच के बावजूद नहीं हो सकी। यहां तक कि बायोप्सी के बाद भी डॉक्टर स्पष्ट निदान नहीं कर पाए।

बाद में मरीज के गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंचने पर विस्तृत एवं उन्नत जांच के माध्यम से ट्यूमर की सटीक पहचान की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी का निर्णय लिया।

ऑपरेशन के दौरान ट्यूमर से प्रभावित पूरी स्टर्नम बोन को निकालकर उसकी जगह विशेष रूप से तैयार टाइटेनियम इम्प्लांट स्थापित किया गया। इस इम्प्लांट की विशेषता यह है कि भविष्य में भी इसे विभिन्न स्कैनिंग प्रक्रियाओं (जैसे MRI) में सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है। सर्जरी से पूर्व इम्प्लांट का विशेष रूप से ऑर्डर देकर पूरी योजना के साथ ऑपरेशन किया गया।

सर्जरी पूर्णतः सफल रही तथा मरीज की रिकवरी सामान्य रही। इस जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की दूसरी प्रेगनेंसी का सफल होना चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

गीतांजलि कैंसर केयर यूनिट के डॉ. आशीष जाकेटिया ने बताया कि संस्थान में कैंसर (ऑन्कोलॉजी) के उपचार हेतु PET-CT, MRI सहित अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से रोग की सही स्टेज एवं प्रकार का समय पर सटीक निदान किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि यहां मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के माध्यम से मरीजों का समग्र उपचार किया जाता है, जिसमें मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी), सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ साइकोलॉजिकल सपोर्ट एवं संक्रमण नियंत्रण की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में कैंसर यूनिट सहित विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, सटीक निदान एवं अनुभवी विशेषज्ञों के समन्वय से दुर्लभ और जटिल ट्यूमर का भी सफल उपचार संभव है।


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