10वीं सहयोग कंटेम्पररी कला प्रदर्शनी का आयोजन कला, सेवा और मानवीय संवेदनाओं के एक अनूठे संगम के रूप में किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस, मुंबई पुलिस, लॉ एंड ऑर्डर, सिविल सर्विसेज़ तथा पेशेवर कलाकारों को एक मंच पर लाने वाली इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी का आयोजन कलाकार सत्येन्द्र राणे द्वारा किया गया है। यह प्रदर्शनी 27 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक प्रभादेवी स्थित कलादालन आर्ट गैलरी में आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथियों कैपजेमिनी इंडिया के सीईओ संजय चालके तथा डीसीडीआरसी के अध्यक्ष और एडीडीएल सबअर्बन मुंबई के न्यायाधीश प्रदीप जी. कडू की उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन समारोह में पी. एल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी की क्यूरेटर वर्षा कराले, आईएएस अधिकारी निधि चौधरी, पीआई मौसमी सुभाष पाटिल, कलाकार एवं क्यूरेटर सत्येन्द्र राणे, पीएसआई विकास लवांडे, महाराष्ट्र पुलिस के रिटायर्ड एसीपी एवं वर्तमान एडवोकेट शैलेन्द्र गायकवाड़, रिटायर्ड पीएसआई संजय सावंत, रिटायर्ड पीएसआई अंकुश धुपकर तथा एडवोकेट ऐश्वर्यजीता तावड़े सहित अनेक पेशेवर कलाकार भी उपस्थित रहे।
इस वर्ष की एक खास बात इसका मुंबई पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के साथ जुड़ाव है। कला कृतियों की बिक्री से प्राप्त राशि का एक हिस्सा मुंबई पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए दिया जाएगा, जिससे उनके निरंतर योगदान को सम्मान मिलेगा।
प्रदर्शनी के बारे में बात करते हुए कलाकार और क्यूरेटर सत्येंद्र राणे ने कहा, “सहयोग की कल्पना एक ऐसे मंच के रूप में की गई थी जहाँ कला सिर्फ पेशेवर कलाकारों तक सीमित न रहे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुँचे जो इसे अपने भीतर संजोए रखते हैं। इस 10वें संस्करण में ऐसे लोग शामिल हैं जिनका जीवन जिम्मेदारी और सेवा से जुड़ा है, फिर भी वे कला के लिए समय निकालते हैं। यह देखना बहुत भावुक कर देने वाला है कि एक पुलिस अधिकारी, वकील या सिविल सेवक अपनी भावनाओं को कैनवास पर व्यक्त कर रहा है… यह हमें याद दिलाता है कि हमारी भूमिकाओं से परे, हम सभी इंसान हैं।”
वे आगे कहते हैं, “इस वर्ष मुंबई पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के साथ हमारा जुड़ाव, कला के माध्यम से आभार व्यक्त करने और समाज को कुछ लौटाने का प्रयास है।”
मुंबई पुलिस की पुलिस इंस्पेक्टर मौशमी सुभाष पाटिल अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “ड्रॉइंग और पेंटिंग बचपन से मेरे जीवन का हिस्सा रही हैं। जो एक शौक के रूप में शुरू हुआ, वह अब मेरे लिए खुशी और संतुलन का ज़रिया बन गया है। यह पहली बार है जब मैं अपनी कला प्रदर्शित कर रही हूँ और वर्दी से परे अपनी एक अलग पहचान साझा करना बहुत खास लगता है। पेंटिंग मेरे लिए तनाव कम करने का माध्यम है। यह मुझे शांत और सुकून महसूस कराता है।” वे आगे कहती हैं, “हम जैसे ज़िम्मेदार पदों पर काम करने वालों के लिए रचनात्मक गतिविधियाँ बहुत जरूरी हैं। इससे हमें अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय के लिए अलग होकर नई ऊर्जा के साथ काम करने का मौका मिलता है।”
आईएएस अधिकारी निधि चौधरी, जो नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, मुंबई की निदेशक भी हैं, ने कहा, “सहयोग के 10वें संस्करण का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। कला अपने असली रूप में पेशे और पदों की सीमाओं से परे होती है। यह हमें उन भावनाओं को व्यक्त करने का मौका देती है जो अक्सर फाइलों और बैठकों में छिप जाती हैं। इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का एक साथ आना कला की एकजुट करने वाली शक्ति को दर्शाता है।”
इस प्रदर्शनी में एब्स्ट्रैक्ट, कंटेम्पररी, लैंडस्केप, पोर्ट्रेट, मिक्स्ड मीडिया और स्कल्पचर जैसी विभिन्न शैलियों की कला कृतियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। हर कृति अपने साथ एक कहानी लेकर आती है, जहाँ अनुशासन और कल्पना का सुंदर मेल दिखाई देता है।
इस वर्ष के प्रतिभागियों में निधि चौधरी (आईएएस), मौसमी सुभाष पाटिल (पुलिस इंस्पेक्टर), विकास लवंडे (पीएसआई), शैलेन्द्र गायकवाड़ (रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर टर्न्ड एडवोकेट), संजय सावंत (पी एस आई), अंकुश धुपकर ( रिटायर्ड पी एस आई), एडवोकेट ऐश्वर्यजीता तावड़े के साथ कलाकार सत्येंद्र राणे, अनुपमा मांडवकर, भारती ढवळे, दिलीप दुधाणे, गणेश हिरे, कमल अहमद, मुकुंद केतकर, रेवती शिवकुमार, साजिया अंसारी शेख, स्नेहा निकम, स्मिता राणे, शैलजा कामत, सुजाता मोहीडेकर, डॉ. विभा शर्मा, विनोद कुमावत, प्रशांत जाधव और उमेश पाटिल सहित कई अन्य शामिल हैं।
एक दशक पूरा करते हुए, यह प्रदर्शनी अपने मूल विचार को दोहराती है कि कला केवल स्टूडियो तक सीमित नहीं है और न ही किसी पेशे से बंधी है। यह हर व्यक्ति के भीतर मौजूद होती है, जिसे बस एक मंच की जरूरत होती है।
10वीं सहयोग कंटेम्पररी आर्ट एग्जिबिशन 27 मार्च 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक प्रभादेवी स्थित कलादालन आर्ट गैलरी में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।