कोटा । सृजनधर्मी रचनाकार डॉ.शशि जैन को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और योगदान के लिए एक लाख रुपए राशि के प्रथम "स्मृतिशेष पुष्पा देवी व्यास समरस साहित्य शिरोमणि एवं उत्कृष्ट समरस सेवा अलंकरण - 2026" सम्मान से सम्मानित करने पर केसर काव्य मंच कोटा की ओर से नयापुरा में रचनाकारों और साहित्यकारों द्वारा सम्मान किया गया। उपस्थित साहित्यकारों द्वारा डॉ.शशि जैन को स्मृति चिन्ह, उपर्णा, शाल और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि इनको हाल ही में समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत गुजरात द्वारा गांधीनगर में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में सम्मानित किया गया था।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा रामू भैया ने अपनी काव्य रचना से बधाई के स्वर अर्पित किए। केसर काव्य मंच की अध्यक्ष डॉ. प्रीति मीणा, साहित्यकार डॉ. वैदेही गौतम, विजय जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि समरस संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में डॉ.शशि जैन ने समर्पित भाव और नवाचार करते हुए साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने अपने सकारात्मक दृष्टिकोण से संस्था के सदस्यों और साहित्यकारों के मध्य रचनात्मक समन्वय स्थापित करते हुए आदर्श स्थापित किया है।
विजय जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्होंने अपनी सेवा भावना से तत्काल अपने इस सम्मान को आयोजन स्थल पर ही अपने पति राजेंद्र कुमार जैन को समर्पित किया तथा प्राप्त एक लाख की पुरस्कार राशि में अपनी ओर से 21 हजार रुपए मिला कर एक लाख इक्कीस हजार रुपए समरस संस्थान को समर्पित कर एक दिशाबोधक और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अपने उद्बोधन में डॉ.शशि जैन ने कहा कि यह सम्मान आप सभी साहित्यकारों और संस्थान के सदस्यों का सम्मान है जिनके सहयोग, समर्थन और समर्पण के बिना यह साकार नहीं होता। मैने सदैव आपके रचनात्मक व्यक्तित्व से सीखा और पूर्ण निष्ठा से सौंपे गये कार्य को पूर्ण किया। इससे पूर्व उपस्थित साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों ने डॉ.शशि जैन का माल्यार्पण कर सम्मान किया। डॉ. शशि जैन के पतिदेव राजेंद्र कुमार जैन का भी उनके समर्पण भाव से सहयोग के लिए सम्मान किया गया।
आरम्भ में केसर काव्य मंच की अध्यक्ष डॉ. प्रीति मीणा ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि कोटा के लिए गौरव की बात है कि संस्थान के 34 हजार सदस्यों में डॉ. शशि जैन को यह पुरस्कार मिला है। संचालन करते हुए डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने डॉ.शशि जैन को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होने के नाते मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। डॉ. वैदेही गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में
संदीप द्विवेदी, के., डी.अब्बासी ,विजय कुमार शर्मा,डॉ. युगल सिंह,डॉ. इंदु बाला शर्मा, रेणु सिंह राधे, राम मोहन कौशिक, विजय माहेश्वरी, कालीचरण राजपूत आदि अन्य रचनाकार उपस्थित रहे।