कोटा। शहर में प्रशासनिक लापरवाही किस तरह बड़े हादसे को न्योता दे रही है, इसका ताजा उदाहरण भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। चार दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान में नगर निगम का विशाल लोहे का स्वागत बोर्ड गिरकर सड़क पर आ गिरा, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक उसे हटाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई।
भीमगंजमंडी थाने के सामने तिराहे पर लगा निगम का बड़ा लोहे का बोर्ड, जिस पर “आपकी यात्रा शुभ हो, निगम आपका स्वागत करता है” लिखा हुआ है, तूफान के दौरान गिरकर आधी सड़क पर फैल गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे स्टेशन मार्ग पर बना खतरा
यह सड़क कोटा रेलवे स्टेशन से शहर की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए प्रमुख मार्ग है। दिनभर यहां भारी यातायात रहता है, लेकिन गिरा हुआ बोर्ड अब भी सड़क पर पड़ा होने से वाहन चालकों और राहगीरों की जान जोखिम में बनी हुई है। खासकर रात के समय और बिजली गुल होने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
चार दिन से प्रशासन बेखबर
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद से कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद बोर्ड को हटाने या यातायात सुरक्षित करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर बार हादसे के बाद ही अधिकारी जागते हैं। यदि समय रहते इस लोहे के बोर्ड को नहीं हटाया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की होगी।
प्रशासन की उदासीनता पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही नजर आते हैं। सड़क पर गिरा यह विशाल लोहे का ढांचा प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता की खुली तस्वीर पेश कर रहा है।