GMCH STORIES

पश्चिम बंगाल के नए "अधिकारी" होंगे "शुभेंदु" पश्चिम बंगाल में नए “शुभ चंद्रमा” का उदय

( Read 1407 Times)

09 May 26
Share |
Print This Page

पश्चिम बंगाल के नए "अधिकारी" होंगे "शुभेंदु"  पश्चिम बंगाल में नए “शुभ चंद्रमा” का उदय

शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के राजनीतिक मायने

तमिलनाडु में भी थलापति विजय की शनिवार को होगी ताजपोशी 

एन जी भट्ट 

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के अजय किले को ध्वस्त करने के बाद आजादी के बाद पहली बार प्रचण्ड बहुमत के साथ सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार शनिवार को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में शपथ ग्रहण करेगी। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर आयोजित होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री गण भी भाग लेंगे। इधर तमिलनाडु में दो बार लोक भवन से बेरंग लौटे थलापति विजय को भी तमिलनाडु के राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए आमंत्रण दे दिया है और उनकी भी शनिवार को  ताजपोशी होगी। हालांकि थलापति विजय के सामने विधानसभा के फ्लोर पर बहुमत साबित करने की अग्नि परीक्षा रहेगी।

 

शुक्रवार को भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत में  भाजपा के आब्जर्वर कोलकाता पहुंचे और सर्वसम्मति से ममता बनर्जी के घोर प्रतिद्वंद्वी और दो बार उन्हें हराने वाले शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल के नेता चुन लिया गया । बाद में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया। भाजपा की कार्यशैली के अनुसार विधायक दल के नेता के चुनाव में कोई कोतूहल और सस्पेंड नहीं था बल्कि पूर्वानुमान के अनुरूप विधायक दल के नेता के सभी आठ प्रस्ताव शुभेंदु अधिकारी के नाम से ही आए और अमित शाह ने उस पर अपनी घोषणा की मुहर लगा दी। विधायक दल की बैठक का वातावरण उत्साह और उमंग से परिपूर्ण रहा। बाद में अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने जोश भरे भाषण दिए और कहा कि जनसंघ के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज बहुत खुश होगी कि उनकी जन्म भूमि पर 1952 में उन्होंने जो बीज रोपा था,वह आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फलीभूत हुआ है। दोनों नेताओं ने बंगाल की जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा के संकल्प पत्र की हर घोषणा को लागू करने का ईमानदारी से हमारा प्रयास रहेगा। बंगला देश से लगी अन्तर्राष्ट्रीय अभेद्य सीमा बनेगी और घुसपैठियों को चुन चुन तक बाहर निकाला जाएगा ।

 

शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भाजपा के केन्द्रीय पर्यवेक्षक के रूप आए केन्द्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चाणक्य अमित शाह ने अपनी प्रकृति के विरुद्ध शुभेंदु अधिकारी को माला पहनाने के बाद भाव विभोर होकर अपनी बाहों में भर लिया। शुभेंदु अधिकारी ने भी बहुत ही सम्मान और विनम्रता के साथ शीश झुका कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक संस्कृति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय तक वामपंथ और उसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व वाले बंगाल में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति में भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

 

“शुभेंदु” शब्द का शाब्दिक अर्थ ही “शुभ चंद्रमा” या “मंगलकारी प्रकाश” माना जाता है। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो भाजपा समर्थक इसे बंगाल की राजनीति में “नए युग के उदय” के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। वहीं विरोधी दल इसे केवल सत्ता की अदला-बदली मानते हुए भाजपा की आक्रामक राजनीति का परिणाम बता रहे हैं लेकिन इतना स्पष्ट है कि शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने से पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा और शैली दोनों में बदलाव दिखाई देगा।

शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर भी काफी रोचक रहा है। वे कभी ममता बनर्जी के विश्वस्त और तृणमूल कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते थे । वे नंदीग्राम आंदोलन से उभरकर राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचे। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा पार्टी के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई। विशेष रूप से नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

भाजपा नेतृत्व द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देना एक सही निर्णय माना जा रहा है। हालांकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को नियंत्रित करना होगी। पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा, राजनीतिक संघर्ष और कार्यकर्ताओं के टकराव के लिए चर्चा में रहा है। चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं ने राज्य की छवि को प्रभावित किया है। ऐसे में नई सरकार से जनता की अपेक्षा होगी कि वह राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति से ऊपर उठकर शांति और स्थिरता स्थापित करे।

 

आर्थिक मोर्चे पर भी नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी। बंगाल कभी देश के औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र माना जाता था,लेकिन पिछले दशकों में उद्योगों का पलायन और निवेश में कमी चिंता का विषय रहा है। भाजपा लंबे समय से दावा करती रही है कि वह बंगाल को पुनः औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करेगी। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनने जा रही पश्चिम बंगाल की नई सरकार को सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, कानून व्यवस्था के साथ ही रोजगार, उद्योग और आधारभूत ढांचे पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

इसके साथ ही केंद्र और राज्य के संबंधों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति बनी रहती थी। भाजपा सरकार बनने पर यह माना जा रहा है कि केंद्र से राज्य को अधिक सहयोग और परियोजनाओं में तेजी मिल सकती है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी के लिए मुख्यमंत्री की राह आसान नहीं होगी। बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक राजनीति अत्यंत संवेदनशील रही है। यहां क्षेत्रीय अस्मिता, भाषा और सांस्कृतिक पहचान का गहरा प्रभाव है। भाजपा को यह संतुलन बनाए रखना होगा ताकि विकास और राजनीतिक परिवर्तन के साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान भी सुरक्षित महसूस करे। यहां विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। तृणमूल कांग्रेस अभी भी बंगाल की बड़ी राजनीतिक शक्ति है और ममता बनर्जी का जनाधार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में विधानसभा और सड़कों दोनों पर मजबूत विपक्ष देखने को मिल सकता है। इससे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तीखी हो सकती है।

अतः शुभेंदु अधिकारी का पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनना केवल एक व्यक्ति या नेता का परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक धारा में एक ऐतिहासिक मोड़ है। जनता अब यह देखना चाहेगी कि “शुभ चंद्रमा” के रूप में प्रस्तुत शुभेंदु अधिकारी का यह नया नेतृत्व वास्तव में बंगाल को शांति, विकास और स्थिरता का नया प्रकाश दे पाता है या नहीं। आने वाले समय में यही पश्चिम बंगाल की राजनीति की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like