उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने मंगलवार को महाराणा भूपाल चिकित्सालय में अत्याधुनिक कार्डियक कैथ लैब और जन आरोग्य लीवर क्लिनिक का उद्घाटन किया। चिकित्सालय में मेडीकल सुविधाओं के इस विस्तार का सीधा लाभ संभाग एवं पड़ोसी राज्य से आने वाले मरीजों को मिलेगा। इस अवसर पर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, आरएनटी प्रिंसिपल डॉ राहुल जैन, सुपर स्पेशलिटी अधीक्षक डॉ विपिन माथुर, एमबी अधीक्षक डॉ आर एल सुमन, कार्डीयोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा, वेदांता की सीएसआर हेड अनुपम निधि, हिंदुस्तान जिंक के कॉर्पोरेट फाइनेंस कंट्रोलर राजीव पीट्टी, जिंक के कॉमर्शियल हेड मुबारिक खान सहित अन्य उपस्थित रहे।
कटारिया अपने उदयपुर प्रवास पर डबोक से सीधे एमबी अस्पताल परिसर स्थित सुपर स्पेशिलिटी विंग पहुंचे। यहां पर उन्होने प्रदेश के पहले जन आरोग्य लीवर क्लिनिक का शुभारम्भ किया। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण और गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के साथ क्लिनिक कार्य करेगा जहां पात्र मरीजों को निशुल्क दवा मिलेगी। इसके पश्चात हिन्दुस्तान जिंक द्वारा सीएसआर के तहत कार्डियक विंग में 15 करोड़ की लागत से स्थापित नई कैथ लेब का लोकार्पण किया। यह पहल हिन्दुस्तान जिंक और आरएनटी चिकित्सालय के बीच हुए उस एमओयू का हिस्सा है, जिसके तहत अस्पताल को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कटारिया ने कहा कि एमबी अस्पताल में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के कार्य में हिन्दुस्तान जिंक हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं है। डीएमएफटी फण्ड और अन्य दानदाताओं सहित हिन्दुस्तान जिंक द्वारा स्थापित आधुनिक कैथलेब जैसी सुविधाएं यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस प्रकार की सुविधाओं से आम जन को लाभ मिलेगा।
आधुनिक इमेज गाइडेड तकनीक से लैस है कैथ लैब
नई कैथ लैब में हृदय की जांच और इलाज के लिए आधुनिक इमेज-गाइडेड तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यहाँ कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंट डालने जैसी गंभीर प्रक्रियाएं आसानी से हो सकेंगी। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा, जिससे जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी।
एमबी को हैलीपेड युक्त विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने पर गहन विमर्श
इस अवसर पर कटारिया ने आरएनटी मेडीकल कॉलेज के विकास कार्यों एवं एमबी अस्पताल के उन्नयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डॉ नरेंद्र राठौड़ ने अस्पताल में वर्तमान सुविधाओं के बारे में बताते हुए आगामी कार्ययोजना का खाका प्रस्तुत किया। आरएनटी प्रिंसिपल डाॅ राहुल जैन ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सालय में 8000 से 12000 रोगी प्रतिदिन इलाजहेतु आते हैं व 3200स्वीकृत बेड है। अगले दस से 15 वर्षों में रोगी संख्या 25000 से 30000 प्रतिदिन होने की संभावना है इसी के मद्देनजर वेदांता हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से आरएनटी मेडिकल कॉलेज का उन्नयन प्रस्तावित किया जा रहा है जिसके तहत 8 से 10 मंजिला के आधुनिक उपकरण से सुसज्जित 3 से 4 टावर बनाए जाएंगे जिसकी ऊपर हेलीपैड भीहोगा। बैड की संख्या बढ़ाकर 4000 करने का प्रयास करेंगे। विश्व स्तरीय सुविधाओं से उपयुक्त अस्पताल का उन्नयन किया जाएगा ताकि आम जनता को विश्वस्तरीय इलाज पूर्ण नि शुल्क उपलब्ध हो सके। वेदांता की सीएसआर हेड अनुपम निधि ने बताया कि इस पूरी परियोजना के लिए ग्लोबल टेंडर किए गए जिसमें विश्व स्तरीय आठ कंपनियों ने भाग लिया। इनमें से तीन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जो अमेरिका सहित विश्व के कई देशों में उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थानों के निर्माण के लिए जानी जाती है। कटारिया ने कहा कि इस कार्य में सरकारी स्तर पर आवश्यक सभी सहयोग उपलब्ध कराने में वे सहयोग करेंगे।