उदयपुर। राजस्थान में बाल संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम के तहत कालिका पैट्रोलिंग यूनिट की बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर कार्यालय स्थित सभागार उदयपुर में आयोजित हुई। यूनिसेफ भारत की कंट्री हेड सिंथिया मैककैफ्रे एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत टीमों के अनुभवों को साझा करना एवं उनके प्रयासों को प्रोत्साहन प्रदान करना था।
बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है- सिंथिया
यूनिसेफ भारत की कंट्री हेड सिंथिया मैककैफ्रे ने कालिका पैट्रेालिंग यूनिट के प्रभावी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आप है तो हम सभी सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, विद्यालय-महाविद्यालयों एवं प्रमुख चौराहों व भीडभाड वाले स्थानों पर आमजन की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है और जिसका आप अच्छे से निर्वहन कर रही है। उन्होंने कालिका टीम द्वारा स्कूलों में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि आपके इन प्रयासों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे निडर होकर शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में अपनी भागीदारी निभाने लगे है। आमजन के बीच आपकी भूमिका विष्वसनीय और सराहनीय है। आप किसी से कम नहीं है।
बाल संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी-एसपी
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन ने अपने संबोधन में कहा कि बाल संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इसमें समुदाय, पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्ण संवेदनशीलता के साथ जमीनी स्तर पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एसपी महोदया ने यह भी बताया कि उदयपुर एक पर्यटन सिटी है और यहां स्थानीय लोगों के साथ आने वाले मेहमानों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखते हुए सभी को सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है।उन्होंने इस टीम की कार्यप्रणाली को हाईटेक बनाने के लिए नवीन तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने हेतु यूनिसेफ से आग्रह किया।
इस अवसर पर यूनिसेफ राजस्थान के स्टेट हेड के.एल. नरसिम्हा राव ने कहा कि पुलिस की यह विशेष इकाई आमजन विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेहतर कार्य कर रही है और यह सामुदायिक पुलिसिंग में अनुकरणीय उदाहरण है। बाल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार निराला ने राजस्थान में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संरचना एवं कार्यप्रणाली के बारे में बताया और बच्चों के अधिकारों और उनके संरक्षण के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर हस्तक्षेप और संवेदनशील दृष्टिकोण से कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। उन्होंने टीमों को निरंतर प्रशिक्षण और जागरूकता के महत्व पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि माइकल सर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सामुदायिक भागीदारी को बाल सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है। उन्होंने कालिका टीम की प्रतिबद्धता और कार्यशैली की प्रशंसा की।
राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिधं बिनुजीत ने बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ही हम बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान कालिका पेट्रोलिंग टीम व टूरिस्ट पेट्रोलिंग टीम की प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।
अपने जीवन से जुड़े पहलुओं को बच्चों से जानकर अभिभूत हुई सिंथिया
बैठक से पूर्व सुबह के समय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़गांव में गणमान्य अतिथियों ने स्कूली विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर सीआई दीपिका राठौड़ एवं बड़गांव थानाधिकारी हितेश यादव ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए आयोजित किये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने वत्सल वार्ता एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के संबंध में अधिकारियों को बताया और कई रोचक प्रश्न किये। बच्चों ने सिंथिया के जीवन से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया तो सिंथिया बच्चों का आईक्यू देख अभिभूत हुई और सराहना करते हुए बच्चों की जिज्ञासासों को शांत किया। विद्यालय की एक आर्टिस्ट बालिका अनामिका ने सिंथिया एवं श्री राव का स्कैच बनाकर भेंट किया तो अतिथि अपना स्कैच और बालिका की कला देख अभिभूत हो उठे और बच्ची को शाबाषी दी। प्रारंभ में प्रधानाचार्या श्रीमती गीता शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। उप प्राचार्य श्रीमती नेहा कुदाल ने पूरे कार्यक्रम का समन्वयक करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। बच्चों ने सिंथिया मेम के लिए अपने हाथों से बनाए उपहार भेंट किये।