GMCH STORIES

साहित्यिक परिचय :  साहित्य की विविध विद्याओं में प्रवीण डॉ.कृष्णा कुमारी

( Read 615 Times)

19 Jan 26
Share |
Print This Page

साहित्यिक परिचय  :   साहित्य की विविध विद्याओं में प्रवीण डॉ.कृष्णा कुमारी

प्रेम और प्रकृति से प्रभावित सृजन और वसुधैव कुटुम्बकम्' की पक्षधर सृजनकार डॉ. कृष्णा कुमारी का जन्म कोटा जिले के चेचट ग्राम में पिता प्रभुलाल वर्मा के परिवार में हुआ। आप ने एम.ए., एम.एड., (मेरिट अवार्ड) साहित्य रत्न, आयुर्वेद रत्न एवं बी.जे.एम.सी की शिक्षा प्राप्त की। बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा का रचना कर्म : एक समालोचनात्मक अध्ययन विषय पर लिखे शोध-प्रबन्ध के लिए कोटा विश्वविद्यालय से पीएच. डी. की उपाधि प्राप्त की है। आप काव्य गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों, मुशायरों में भागीदारी करती हैं। उर्दू लिपि की भी कई पत्रिकाओं में ग़ज़लें प्रकाशित हैं। अपनी और अन्य रचनाकारों की पुस्तकों, कई पत्रिकाओं पर इन के बनाये आवरण चित्र प्रकाशित हुए हैं। साथ ही रेखा-चित्र, स्केच, डिज़ाइन आदि भी । इन की कुछ रचनाओं का अंग्रेजी, उर्दू, राजस्थानी व गुजराती भाषा में अनुवाद हुआ है और इन्होंनें भी अन्य कुछ रचनाओं का राजस्थानी में अनुवाद किया है। कई शोध ग्रन्थों, विश्वविद्यालय के सन्दर्भ ग्रन्थों, अन्य कई महत्त्वपूर्ण किताबों में इन की रचनाओं का उल्लेख हुआ है। इनके साहित्यिक योगदान पर मोनोग्राफ भी लिखा गया है। अब चुप नहीं रहूंगी ” वन्य जीव संरक्षण विषयक एकांकी पर एक छात्र ने पंजाब के विश्व विद्यालय से एम.फिल किया। आप कई साहित्यिक संस्थाओं में सक्रिय हैं। संगीत, वादन एवं चित्रकला में भी आपकी विशेष रुचि है।

      हिंदी, राजस्थानी, उर्दू, अंग्रेज़ी में समान अधिकार रखते हुए गद्य और पद्य दोनों विधाओं में कविता, गीत, ग़ज़ल, दोहा, मुक्तक, बालगीत, निबन्ध, कहानी, यात्रा वृत्तान्त, साक्षात्कार, संस्मरण, डायरी, समीक्षा, पत्र, रिपोर्ट, शोध आलेख, परिचर्चा, पत्र लेखन आदि में योग हैं। इन की शैली सहज और सरल रूप में कथात्मक, वर्णनात्मक, व्याख्यात्मक,  अन्वेषणात्मक है जिसका विषयानुरूप स्वतः प्रयोग हुआ है। कविताओं में आन्तरिक स्पन्दन, सम्वेदनाएँ और स्वानुभूतियाँ  हैं। प्रकृति और प्रेम से प्रभावित सृजन में शृंगार, करुण, शान्त, वात्सल्य, हास्य, अद्भुत आदि रसों की धाराएँ प्रवाहित हैं।

   रचनाकार की 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। काव्य संग्रह से..तो हम क्या करें ?, बहुत प्यार करते हैं शब्द, मैं पुजारिन हूँ, कितनी बार कहा है तुम से', अस्यौ है म्हारौ गाँव और जंगल में फाग(बाल गीत), निबंध विषय प्रेम है केवल ढाई आख', ज्योतिर्गमय, नागरिक चेतना, भय बिन होवै प्रीत, कहानी आधारित स्वप्निल कहानियाँ,  यात्रा वृत्तांत पर आओ नैनीताल चलें', हरित पगडंडी पर, साक्षात्कार पर कुछ अपनी कुछ उन की  तथा बात बात खुशबूदार शामिल हैं। आपने लगभग एक सौ से अधिक पुस्तकों की समीक्षा भी की है।

 आपको 'एयर इण्डिया' एवं 'राजस्थान पत्रिका' द्वारा आयोजित रेन्क एण्ड बोल्ट प्रतियोगिता में जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार सिंगापुर की यात्रा, शिक्षक दिवस 2008 पर 'राज्य स्तरीय शिक्षक समान', राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा ज्योतिर्गमय (सांस्कृतिक निबन्ध) की 'देवराज उपाध्याय पुरस्कार', साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा, द्वारा हिन्दी भाषा भूषण सम्मान एवं साहित्य सुधाकर मानद उपाधि-2024 जैसे प्रमुख पुरस्कार और सम्मान सहित तीन दर्जन से अधिक  प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। 

 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like