उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के कृषि अर्थशास्त्र विभाग के तीन शोधार्थियों—नरेन्द्र यादव, रेनू कुमारी एवं आशीष शर्मा—ने सफलतापूर्वक विद्यावाचस्पति (पीएच.डी.) की उपाधि प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
नरेन्द्र यादव ने डॉ. लतिका शर्मा के मार्गदर्शन में “राजस्थान में सतत आजीविका सुरक्षा एवं खेत स्तर पर कृषि विविधीकरण” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। उनके अध्ययन में राज्य में कृषि विविधीकरण के विभिन्न आयामों, किसानों की आजीविका सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष प्रकाश डाला गया है, जो भविष्य में नीति निर्माण एवं कृषि विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
इसी क्रम में, रेनू कुमारी ने डॉ. हरि सिंह के मार्गदर्शन में “दक्षिणी राजस्थान में एकीकृत कृषि प्रणाली परियोजना के अंतर्गत फार्मिंग सिस्टम मॉड्यूल्स का प्रभाव मूल्यांकन” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। उनके अध्ययन में एकीकृत कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स के प्रभाव, आय एवं रोजगार सृजन तथा किसानों की समग्र आजीविका पर पड़े प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
आशीष शर्मा ने डॉ. हरि सिंह के निर्देशन में “भारत में प्याज का उत्पादन, विपणन एवं निर्यात प्रदर्शन” विषय पर अपना शोध कार्य संपन्न किया। उनके शोध में देश में प्याज उत्पादन की प्रवृत्तियों, विपणन प्रणाली की चुनौतियों तथा निर्यात प्रदर्शन का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, जो कृषि व्यापार एवं मूल्य स्थिरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
तीनों शोधार्थियों ने अपनी इस उपलब्धि के लिए अपने-अपने मार्गदर्शकों एवं सलाहकार समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। साथ ही विभागाध्यक्ष डॉ. गिरधारी लाल मीणा एवं अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला, राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, एमपीयूएटी, उदयपुर के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों एवं सहपाठियों ने सभी शोधार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।