जयपुर। जवाहर कला केंद्र में संस्कार भारती द्वारा आयोजित “लोक कला संगम” कार्यक्रम के समापन अवसर पर राजस्थान की प्राचीन लोक वाद्य परंपरा पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘रावण हत्था’ के पोस्टर का विमोचन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
इस मौके पर फिल्म के निर्देशक अरविन्द चौधरी ने बताया कि प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से यह डाक्यूमेंट्री संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के लिए तैयार की गई है। जल्द ही यह फिल्म वेस्ट जोन सेंटर के आधिकारिक पेज पर दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।
विलुप्त होती विरासत को सहेजने का प्रयास
चौधरी ने बताया कि ‘रावण हत्था’ राजस्थान का अत्यंत प्राचीन लोक वाद्ययंत्र है, जिसे विशेष रूप से भोपा समाज के कलाकार बनाते और साधना के साथ बजाते हैं। यह वाद्य न केवल संगीत का माध्यम है, बल्कि लोक आस्था, परंपरा और इतिहास का जीवंत प्रतीक भी है। फिल्म का निर्माण लोक कला संस्कृति को विलुप्त होने से बचाने तथा नई पीढ़ी में इसके प्रति जागरूकता और गौरव की भावना जागृत करने के उद्देश्य से किया गया है। यह डाक्यूमेंट्री न केवल ‘रावण हत्था’ जैसे प्राचीन वाद्य की गाथा को सामने लाती है, बल्कि राजस्थान की लोक आत्मा को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास है। निर्देशक अरविन्द चौधरी ने अपनी टीम के साथ लगभग छह माह तक शोध कार्य किया और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर भोपा कलाकारों से संवाद स्थापित कर इस विरासत को कैमरे में सहेजा।
उपमुख्यमंत्री ने की सराहना
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि संस्कार भारती जैसी संस्थाओं के माध्यम से हमारी लोक कला और संस्कृति को नया मंच और नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि जवाहर कला केंद्र में आयोजित लोक कला संगम का उद्देश्य भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करना और कलाकारों को सम्मान देना है।
समापन अवसर पर अश्विन दलवी, बनवारी लाल चेजारा, महावीर मूर्तिकार, नवीन कुमार, सुमित और कमलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।