उदयपुर, दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गीतांजली डेंटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, उदयपुर के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग द्वारा “एडवांस्ड ज़ायगोमैटिक इम्प्लांटोलॉजी एंड इमीडिएट इम्प्लांट” विषय पर दो दिवसीय लाइव सर्जरी कोर्स एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का भव्य शुभारंभ हुआ। 14 एवं 15 फरवरी को आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस में देशभर से आए लगभग 350 प्रोस्थोडॉन्टिस्ट, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, पेरियोडॉन्टिस्ट, फैकल्टी मेंबर्स, पीजी एवं यूजी विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा ज़ायगोमैटिक इम्प्लांट की उन्नत तकनीकों, इमीडिएट लोडिंग प्रोटोकॉल, टेरिगॉइड इम्प्लांट्स, जटिल क्लिनिकल परिस्थितियों में उपचार योजना तथा डिजिटल इम्प्लांटोलॉजी पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। लाइव सर्जरी डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को जटिल केस मैनेजमेंट की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई, जिससे उन्हें आधुनिक इम्प्लांट डेंटिस्ट्री की नवीनतम तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से सीखने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन आधुनिक दंत चिकित्सा में प्रगति के प्रतीक हैं, विशेषकर जटिल क्लिनिकल परिस्थितियों के सफल उपचार के संदर्भ में। विशेषज्ञ व्याख्यान, लाइव सर्जिकल डिमॉन्स्ट्रेशन और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्रों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता से समृद्ध किया।
यह आयोजन “फेस्ट सिनैप्स 2026” के अंतर्गत संपन्न हुआ, जो संस्थान की एकता, रचनात्मकता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है। इस पहल के माध्यम से संस्थान ने दंत चिकित्सा में नवाचार और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।
ओर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. बालाजी मनोहर एवं सेक्रेटरी डॉ. ज्योति कुंडू ने गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल, गीतांजली हॉस्पिटल के सीईओ श्री ऋषि कपूर, आमंत्रित विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं समस्त प्रशासनिक टीम का इस दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत जयपुर से वरिष्ठ मैक्सिलोफेशियल सर्जन एवं इम्प्लांटोलॉजिस्ट डॉ. संकल्प मित्तल (राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, जयपुर) ने ज़ायगोमैटिक इम्प्लांटोलॉजी एवं इमीडिएट इम्प्लांट मैनेजमेंट के विविध महत्वपूर्ण आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
साथ ही प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति कुंडू ने इम्प्लांट प्रॉस्थेसिस के रिहैबिलिटेशन पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें इम्प्लांट के पश्चात कार्यात्मक एवं एस्थेटिक पुनर्स्थापन की उन्नत तकनीकों को विस्तार से समझाया गया।
उन्होंने जटिल क्लिनिकल परिस्थितियों में उपचार योजना, सर्जिकल प्रोटोकॉल और सफल परिणामों हेतु आवश्यक आधुनिक तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक दक्षता दोनों में समृद्धि प्राप्त हुई।
यह दो दिवसीय आयोजन न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा, बल्कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और नवाचार का सशक्त संगम सिद्ध हुआ।