उदयपुर : AIM for Seva एवं आर्ष विद्या तीर्थ की रजत जयंती समारोह के अंतर्गत उदयपुर में आज शाम को 6:30 गीतांजली यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में सूर्या गायत्री द्वारा प्रस्तुत “रामं भजे” वैदिक एवं भक्ति-प्रधान भजन कार्यक्रम किया जाएगा।
श्री जे.पी अग्रवाल चेयरमैन गीतांजली ग्रुप, उदयपुर के सौजन्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के साथ-साथ, गीतांजली ग्रुप समाजसेवा, शिक्षा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु अपने परोपकारी प्रयासों के लिए भी जाना जाता है। यह कार्यक्रम उनकी उसी सामाजिक प्रतिबद्धता का एक सार्थक उदाहरण है।
यह आयोजन AIM for Seva एवं आर्ष विद्या तीर्थ के राजस्थान में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। पूज्य स्वामी दयानन्द सरस्वतीजी की प्रेरणा से स्थापित AIM for Seva देश के विभिन्न राज्यों में संचालित निःशुल्क छात्रालयों के माध्यम से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से वंचित बच्चों को मूल्यनिष्ठ शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सांस्कृतिक संस्कार प्रदान कर रहा है। इन छात्रालयों में बच्चों का सर्वांगीण विकास—शैक्षिक, नैतिक और आध्यात्मिक—एक समग्र दृष्टि से किया जाता है। राजस्थान में AIM for Seva के तत्वाधान में 2 छात्रालय जयपुर और उदयपुर में कार्यरत है| अब तक इन छात्रालयों के माध्यम से 450 से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं और सुदूर वनवासी क्षेत्रों के बालक उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोज़गार पा चुके हैं|
सूर्या गायत्री वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्ति संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। उनकी प्रस्तुतियाँ शास्त्रीय मर्यादा, भावपूर्ण गायन और ध्यानात्मक गहराई के लिए जानी जाती हैं। रामं भजे के माध्यम से वे श्रोताओं को मंत्र, भक्ति और संगीत के माध्यम से एक अंतर्मुखी एवं शांत अनुभूति प्रदान करती हैं।
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम AIM for Seva एवं आर्ष विद्या तीर्थ के राजस्थान में 25 वर्षों की साधना, सेवा और शास्त्र-परंपरा का उत्सव है। आर्ष विद्या तीर्थ, AIM for Seva और गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल्स के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन सेवा, शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म के सुंदर समन्वय का प्रतीक बनेगा।
इसी श्रृंखला में उदयपुर में एक स्कूल परियोजना जिसमें 500 छात्रों की आवास सुविधा भी होगी, उसे मूर्त रूप दिया जा रहा है|
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक, विद्वान, विद्यार्थी एवं नगर के प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता अपेक्षित है, जिससे यह आयोजन उदयपुर के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा|