जयपुर, दक्षिणी कमान के कोणार्क कोर ने आज जोधपुर में 25 देशों के अंतरराष्ट्रीय रक्षा पत्रकारों के एक दल का स्वागत किया। इस अवसर पर भारतीय सेना के परिवर्तन यात्रा और रणनीतिक विकास का व्यापक परिचय दिया गया। दशक के परिवर्तन में सेना की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता पर केंद्रित किया गया।

पत्रकारों को स्वदेशी हथियार प्रणालियों, अत्याधुनिक प्लेटफार्मों और नई पीढ़ी के उपकरणों के बारे में विस्तार से बताया गया। इनके माध्यम से चुनौतीपूर्ण मरुस्थलीय क्षेत्र में संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विस्तृत ब्रिफिंग में स्वदेशी तकनीकों के सहज समावेश पर प्रकाश डाला गया, जो भारत को एक शक्तिशाली रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
कार्यक्रम ने मिलिट्री-सिविल फ्यूजन पहलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना के महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया। इसमें स्थानीय समुदायों तक निरंतर पहुंच, कौशल विकास अभियान और राजस्थान के दूरस्थ पश्चिमी सीमांत क्षेत्रों को बदलने वाली रणनीतिक सीमावर्ती विकास परियोजनाएं शामिल हैं। इन प्रयासों ने सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत किया, सामरिक सड़कों व पुलों से कनेक्टिविटी बढ़ाई, स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन दिया और संचालनात्मक तत्परता बनाए रखते हुए सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बढ़ावा दिया।
ये बहुआयामी पहल सुरक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में ठोस कदमों को दर्शाती हैं। यह भारत के रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय विकास के एकीकृत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया दल ने भारतीय सेना के व्यावसायिकता, संचालन उत्कृष्टता और वैश्विक रक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।