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हेल्थ उदयपुर ने JSG अरहम के साथ की साझेदारी, 200 से ज्यादा लोगों से स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता की

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05 May 26
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हेल्थ उदयपुर ने JSG अरहम के साथ की साझेदारी, 200 से ज्यादा लोगों से स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता की

उदयपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के लिए पारस हेल्थ उदयपुर ने जैन सोशल ग्रुप (JSG) "अरहम" के साथ मिलकर रेडिसन ब्लू पैलेस रिज़ॉर्ट एंड स्पा, उदयपुर में एक स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में 200 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्वस्थ रहने, बीमारियों का जल्द पता लगाने और इलाज़ के नए तरीकों के बारे में जानकारी साझा की।
 
लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियों के बढ़ने से और जागरूकता की कमी होने के कारण लोग बीमारियों की जांच जल्दी नहीं कराते हैं इसलिए इस तरह की पहल का आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एक इंटरैक्टिव पहल के तौर पर डिज़ाइन किए गए इस सत्र का उद्देश्य मेडिकल विशेषज्ञता और समुदाय के बीच की खाई को पाटना था, साथ ही लोगों को स्वास्थ्य से जुड़े सोच-समझकर फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। स्वास्थ्य से जुड़ी बातचीत को सिर्फ़ चिकित्सा व्यवस्थाओं तक ही सीमित न रखते हुए पारस हेल्थ उदयपुर सक्रिय रूप से निवारक देखभाल की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है और लोगों को अपने स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी खुद उठाने के लिए सशक्त बना रहा है।
 
पारस हेल्थ उदयपुर के कार्डियोलॉजी के HOD & डायरेक्टर डॉ अमित खंडेलवाल ने दर्शकों को संबोधित करते हृदय बीमारियों के बढ़ते बोझ और जल्दी कदम उठाने की आवश्यकता को दर्शाया। उन्होंने कहा, “भारत में हृदय सम्बन्धित बीमारियाँ कई पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 10 साल पहले हो रही हैं। अब 30 और 40 की उम्र के ज़्यादा लोग हृदय की गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह चिंता की बात है क्योंकि इनमें से कई मामलों को रोका जा सकता है। इसके लिए नियमित स्वास्थ्य जाँच, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम कारकों को नियंत्रित करना, और लाइफ़स्टाइल में स्वस्थ बदलाव लाना बहुत ज़रूरी है। डॉक्टरों को बीमारी का बाद में इलाज करने के बजाय उसे शुरुआती दौर में ही रोकने पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ानी चाहिए और समय पर देखभाल सुनिश्चित करनी चाहिए।”
 
आर्थोपेडिक देखभाल में हुई प्रगति के बारे में बात करते हुए पारस हेल्थ उदयपुर के रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन & आर्थोपेडिक्स के सीनियर कंसल्टेंट डॉ आशीष सिंघल ने समय पर देखभाल और तकनीक की भूमिका के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा, “रोबोटिक तकनीक की मदद से ऑर्थोपेडिक देखभाल में काफी सुधार हुआ है। यह डॉक्टरों को इम्प्लांट्स को ज़्यादा सटीक तरीके से लगाने और जोड़ों की अलाइनमेंट को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे लंबे समय तक बेहतर नतीजे मिलते हैं। लेकिन सिर्फ़ तकनीक ही काफ़ी नहीं है। कई मरीज़ इलाज करवाने में बहुत ज़्यादा देर कर देते हैं, जिससे जोड़ों की समस्याएँ और भी बदतर हो जाती हैं और उनकी चलने की क्षमता कम हो जाती है। जल्दी से बीमारी का पता चलना, इलाज की सही योजना बनाना और मरीज़ों में जागरूकता होना भी बहुत ज़रूरी है। ये चीज़ें जल्दी ठीक होने में रिहैब का समय कम करने में और ज़िंदगी की बेहतर गुणवत्ता पाने में मदद करती हैं।”
 
 
इस सत्र में लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद किया और क्रोनिक बीमारियों के प्रबंधन पर जानकारी प्राप्त की और स्वस्थ लाइफ़स्टाइल की ओर बढ़ने के व्यावहारिक कदमों को समझा। इस पहल को 'टीम अरहम' का सहयोग मिला। इस टीम में अध्यक्ष ओमप्रकाश पोरवाल, संस्थापक अध्यक्ष आलोक पगारिया और सचिव विनोद चंदालिया शामिल थे। उनके प्रयासों के कारण से ही लोगों की सशक्त भागीदारी और व्यापक जनसंपर्क सुनिश्चित हो सका।
 
 
इस साझेदारी के माध्यम से पारस हेल्थ उदयपुर और JSG “अरहम” ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जानकारी को ज्यादा सुलभ बनाने के साझा समर्पण को मज़बूत किया। जागरूकता को बढ़ा करके, जल्दी इलाज़ को प्रोत्साहित करके और सामुदायिक जुड़ाव को और ज्यादा मज़बूत बनाकर पारस हेल्थ उदयपुर दक्षिणी राजस्थान में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान करने में अपना योगदान जारी रखे हुए है।


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