श्रीगंगानगर। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें नहरबंदी व ग्रीष्म ऋतु में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके आज साथ आमजन को शुद्ध पेयजल आपूर्ति एवं जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता के निर्देश के साथ-साथ लम्बित कार्यों को पूरा करवाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कलक्टर ने नहरबंदी व ग्रीष्म ऋतु में पेयजल व्यवस्था के संबंध में जल संसाधन विभाग एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी नहरबंदी से पूर्व भंडारण व्यवस्था पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जो कार्य लम्बित हैं, उन्हें शीघ्र पूरा करवाएं। हर घर जल प्रमाणीकरण का इन्द्राज आईएमआईएस साइट पर अपलोड करें। जिन ग्राम पंचायतों के प्रमाण पत्र शेष हैं, वहां से प्रमाण पत्र प्राप्त करें। वंचित स्कूल, आंगनबाडी केन्द्रों पर भी पेयजल कनेक्शन करने के लिए निर्देशित किया।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री विजय कुमार शर्मा ने श्रीगंगानगर जिले में पेयजल आपूर्ति के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया कि जिले में 2541 गांवों के लिए 702 योजनाएं स्वीकृत हैं। इन सभी गांवों की योजनाओं की तकनीकी स्वीकृतियां भी हो चुकी हैं एवं निविदाएं भी आमंत्रित की जा चुकी है। इनमें से 2515 गांवों के लिए 698 योजनाओं के कार्य आदेश जारी हो चुके हैं एवं 326 योजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा 372 योजनाओं के कार्य पूर्ण भी हो चुके हैं। उन्होंने हर घर जल प्रमाणीकरण संबंधी विवरण भी प्रस्तुत किया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री सुभाष कुमार ने कहा कि दूषित पेजयल की शिकायत आने पर विभागीय अधिकारी तुरंत समस्या का निराकरण करें। सभी सहायक अभियंता एवं अधिशासी अभियंता यह सुनिश्चित कर लें कि आमजन को पर्याप्त एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो रही है। उन्होंने समय समय पर जल नमूनों के जांच के निर्देश भी दिए। बैठक में अधिशासी अभियता मोनेटरिंग श्री मोहनलाल अरोडा, अधिशासी अभियंता श्री प्रशांत खैरवा, श्री राकेश बिश्नोई, श्री पराग स्वामी सहित विभाग के सहायक अभियंतागण एवं जल एवं स्वच्छता मिशन के सदस्यगण मौजूद थे।