श्रीगंगानगर। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर काफी गंभीर एवं संवेदनशील है। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित संपर्क पोर्टल पर जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उनका गहन निरीक्षण एवं समाधान करवाते हुए तत्काल निस्तारण करवाएं। ये निर्देश जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारीगण नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों की मॉनिटरिंग करें और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करवाएं। सुनिश्चित करें कि आमजन को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी तरह की कोई परेशानी न हो। किसी कार्मिक की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बीसीएमओ व संस्थान प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। जेएसवाई व आरएसवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के अकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लें एवं सभी को लाभान्वित करवाएं। विभागीय स्तर पर इन योजनाओं में किसी का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री दवा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी प्रभारी अधिकारी संबंधित सभी केंद्रों पर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें। दवा वितरण केन्द्र समय पर खोलने के लिए पाबंद किया गया। जांच योजना में कहा कि जांच के अभाव में मरीज को परेशानी न हो। टीबी कार्यक्रम के तहत निक्षय पोषण योजना में वंचित लोगों के अकाउंट नंबर लेकर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। संस्थागत प्रसव के मामले में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि स्टाफ नियमित रूप से केंद्र पर ठहरें। बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम, मां वाउचर योजना, आयुष्मान आरोग्य योजना, ओडीके एप, गुड सेमेरिटियन, एनीमिया, पीसीपीएनडीटी, एड्स कार्यक्रम व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान एडीएम सिटी रीना छींपा, एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार, सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला एवं पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।