श्रीगंगानगर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने गंगानगर प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को भी विद्यालयों का औचक निरीक्षण करते हुए शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण स्वच्छता की स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने सादुलशहर के मम्मडखेड़ा और मोरजंडखारी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से संवाद किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कक्षा सातवीं के विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे। एक छात्रा से जब भारत के संविधान के निर्माण के बारे में पूछा गया, तो उसने आत्मविश्वास के साथ सटीक और विस्तृत उत्तर दिया। छात्रा के उत्तर से प्रभावित होकर मंत्री ने उसकी सराहना की और कहा कि यह उसकी मेहनत तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी इसी प्रकार अध्ययन में रुचि लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय निरीक्षण के पश्चात मंत्री ने मम्मडखेड़ा गांव की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान गलियों में पानी भरा होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की और पूछा कि जल निकासी के लिए सोखता पिट का निर्माण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा गांव में स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद मंत्री ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरजंडखारी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शैक्षणिक स्तर, आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना और विद्यालयों में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के दौरान जिला परिषद गंगानगर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरिराम चैहान, एक्सईएन श्री रमेश मदान, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्दर सिंह, शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।