उदयपुर,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उदयपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर एक साथ कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। जिंक स्मेल्टर देबारी के समीप होटल लोटस काउंटी में हुई इस वार्ता में उन्होंने रिफाइनरी हादसे, महिला आरक्षण, पंचायत चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
रिफाइनरी में लगी आग की घटना को लेकर डोटासरा ने कहा कि यह परियोजना कांग्रेस सरकार की दूरदर्शिता का परिणाम है, लेकिन भाजपा सरकार की देरी और लापरवाही के कारण इसका समय पर संचालन शुरू नहीं हो सका। उनका कहना था कि यदि रिफाइनरी समय पर चालू होती, तो गैस संकट जैसी स्थितियों को काफी हद तक टाला जा सकता था। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” पर निशाना साधते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस शुरू से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन के बाद ही पारदर्शी तरीके से लागू किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार पर 2026 की जनगणना न कराने और नोटिफिकेशन में देरी का भी आरोप लगाया गया।
डोटासरा ने लोकतंत्र पर चिंता जताते हुए मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और इसे नागरिक अधिकारों के खिलाफ बताया। वहीं, राजस्थान में लंबित पंचायत चुनावों को लेकर उन्होंने राज्य सरकार को घेरा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराने की मांग की।
राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता के काम भी अब पैसे के बिना नहीं हो रहे। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा की पूरी ताकत लगाने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ही सत्ता में वापसी करेगी।
पत्रकार वार्ता में कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जहां डोटासरा के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।