GMCH STORIES

प्रशासन ने पुलिस के बल पर दिखाई ताकत, नरसिंहपुरा में कचरा संयंत्र का विरोध करने वाले ग्रामीणों को जबरन खदेड़ा 

( Read 305 Times)

23 Apr 26
Share |
Print This Page
प्रशासन ने पुलिस के बल पर दिखाई ताकत, नरसिंहपुरा में कचरा संयंत्र का विरोध करने वाले ग्रामीणों को जबरन खदेड़ा 

श्रीगंगानगर। जिला  प्रशासन ने आज पुलिस के बल पर ताकत दिखाई और गांव नरसिंहपुरा बारानी में ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र का विरोध करने वाले ग्रामीणों को उनके धरना स्थल पर लगाए हुए शामियाना सहित खदेड़ दिया। प्रशासन और पुलिस के अनेक अधिकारी 200 से अधिक पुलिसकर्मियों-जिनमें महिला पुलिसकर्मी कमांडो और क्विक रिस्पांस टीम(क्यूआरटी)के जवान भी शामिल थे, को लेकर दोपहर लगभग 2 बजे नरसिंहपुरा बारानी गांव में पहुंचे। हालांकि गांव वालों को पहले से ही भनक लग गई थी कि उनके गांव के निकट लालगढ़ जाटान थाना क्षेत्र की गणेशगढ़ पुलिस चौकी में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को इकट्ठा किया जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका हो गई थी कि प्रशासन जोर जबरदस्ती से काम लेगा।काफी संख्या में गांव वाले मौके पर इकट्ठे भी हुए लेकिन उनकी संख्या फिर भी काम रही क्योंकि दोपहर का वक्त था। गांव वालों ने अपने साथ धोखा होने भी बताया है। ग्रामीणों के अनुसार कल शाम जब श्रीगंगानगर से नगर परिषद का कचरा से भरा हुआ एक केंटर और एक जेसीबी लेकर जब उनके गांव में खेत के रास्ते से होते हुए संयंत्र लगाए जाने वाले स्थल पर जाने से रोका गया था तब प्रशासन, पुलिस तथा नगर परिषद के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी। वार्ता में उन्होंने कहा था कि वह 5 दिन में उचित समाधान करेंगे। उनको 5 दिन का आश्वासन दिया गया था। इसलिए आज धरना स्थल पर ज्यादा लोग नहीं थे। सबको यह था कि प्रशासन 5 दिन बाद कोई निर्णय कर लेगा लेकिन यह नहीं पता था कि आज यूं अचानक जोर जबरदस्ती की कार्यवाही की जाएगी। इसे ग्रामीणों ने धोखा करार दिया। मौके पर मौजूद महेंद्र खोथ और गौ रक्षक दल के संयोजक मैसी चौधरी की  नेतृत्व में हनुमान पूनिया प्रधान प्रतिनिधि, अध्यक्ष एलएनपी नहर,हंसराज बामनिया सरपंच प्रतिनिधि मांझूवास राकेश गोरा सरपंच नरसिंहपुर गौतम मांझू, राकेश ज्यानी अनिल ज्यानी अनंतराम मांझू शिवप्रकाश विक्रम मांझू राजाराम बेनीवाल राधेश्याम शर्मा कालासिंह प्रेम, जेपी मांझू डॉक्टर रूपराम महिया मदन महिया विनोद माझू सुभाष रेवाड राकेश खीचड़ पूर्व सरपंच कृष्ण खीचड़ देवी राम सीवंल आदि ने कार्यवाही का विरोध किया लेकिन पुलिस बल की सहायता से प्रशासनिक अधिकारियों ने सबको इधर-उधर कर दिया और उनका शामियाना उखाड दिया।शामियाना एक वाहन में डाला और गांव की ही महर्षि गौतम गोधाम गौशाला पहुंचा दिया। इस घटना का पता चलते ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं इसी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रूपेंद्रसिंह रूबी मौके पर पहुंचे। तब तक प्रशासनिक अधिकारी अपनी कार्यवाही कर निकल चुके थे। मौके पर घमूडवाली थाना प्रभारी राजेंद्र चारण तथा कुछ कुछ पुलिसकर्मी मौजूद थे। कांग्रेस विधायक ने जबरदस्ती किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इससे अगर कल को कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो जिला प्रशासन ही जिम्मेवार होगा। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से ग्रामीणों के साथ हैं। वह  जानना चाहते हैं कि जब ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र श्रीगंगानगर से महज 7 किमी दूर गांव नेतेवाला में लगाये जाने की सभी तैयारियां कर ली गई थी तो फिर अचानक  नरसिंहपुरा गांव में क्यों स्थानांतरित किया गया? उन्होंने फोन पर जिला प्रशासन के एक आला अधिकारी से बातचीत करते हुए कहा कि जब तक नरसिंहपुरा गांव के लोगों के साथ वार्ता कर इस पूरी समस्या का सम्मानजनक हल नहीं निकाला जाता, तब तक इस गांव में निर्धारित की गई संयंत्र वाली जगह पर नगर परिषद को कचरा डालने से रोका जाए। जानकारी के अनुसार आज नगर परिषद के अधिकारी जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को दलबल सहित मौके पर लेकर गए थे ताकि संयंत्र के लिए निर्धारित की गई नई जगह की पैमाइश की जा सके। मगर गांव में इस स्थान तक जाने के रास्ते पर ही ग्रामीणों ने धरना लगा रखा था। इसी वजह से वह कल भी उक्त स्थान तक नहीं जा पाए थे। आज उक्त स्थान पर जाने के लिए भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को वे साथ लेकर गए थे। यही नहीं दो बड़ी खाली बसें भी लेकर इस गरज से गए कि  विरोध करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मगर गिरफ्तारी की नौबत नहीं आई। यह भी जानकारी मिली है कि प्रशासन की तरफ से गांव वालों को चेतावनी दी गई है कि संयंत्र स्थल पर किसी तरह की कोई दखलंदाजी तथा आवाजाही गैर कानूनी होगी।ऐसा करने वाले पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।मगर दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नरसिंहपुरा गांव के पास संयंत्र के लिए 13 बीघा जमीन तो निश्चित कर ली, लेकिन इस जमीन तक जाने आने के लिए कोई सरकारी मंजूरशुदा रास्ता नहीं है। जब रास्ता ही नहीं है तो फिर प्रशासन जोर जबरदस्ती किसलिए करना चाहता है। आज जब पुलिस के बल पर नगर परिषद तथा जिला प्रशासन के अधिकारी जेसीबी गाड़ियों को उक्त स्थान पर एक खेत में से होकर ले जाने लगे तो खेत का किसान मदन महिया जेसीबी गाड़ी के आगे लेट गया। वह जोर-जोर से रोने लगा, लेकिन इसका सरकारी अमल पर कोई असर नहीं पड़ा। यह विवाद दिनों दिन गहराता जा रहा है। आज प्रशासन द्वारा जो जोर जबरदस्ती की गई है इससे नरसिंहपुरा ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोगों में भी आक्रोश फैल गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महेंद्र खोथ तथा मैसी चौधरी ने बताया कि आसपास के गांव में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है। कल शुक्रवार को एक बड़ी पंचायत बुलाई गई है,जिसमें निर्णय किया जाएगा कि आंदोलन को किस रूप में आगे चलाया जाए और  कहां धरना लगाया जाए। उल्लेखनीय है कि नरसिंहपुरा के लोग अपने गांव के नजदीक यह संयंत्र लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं,उनका कहना है कि संयंत्र लगने से उनके स्वास्थ्य तथा इलाके के पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। याद रहे कि यह संयंत्र पहले गांव नेतेवाला में 18 बीघा जमीन में लगाया जाना था जिसके लिए केंद्र सरकार ने 78 करोड रुपए मंजूर कर दिए थे। इसमें से 18 करोड रुपए दिल्ली की यह कंपनी को संयंत्र लगाने का वर्क आर्डर भी दे दिया गया था। फिर अचानक यह संयंत्र नरसिंहपुरा गांव में स्थानांतरित कर दिया गया।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like