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जिले में व्यापक स्तर पर किया वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजनः एडीजे रवि सुथार

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09 May 26
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जिले में व्यापक स्तर पर किया वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजनः एडीजे रवि सुथार

श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री रविन्द्र कुमार, जिला एवं सेशन न्यायाधीश, श्रीगंगानगर के मार्गनिर्देषन में श्रीगंगानगर न्यायक्षेत्र में शनिवार को व्यापक स्तर पर द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत जिले के प्रत्येक तालुका मुख्यालयों पर भी आयोजित की गई। जिला मुख्यालय पर स्थित बैंचस में अध्यक्ष के रूप में श्री मदनगोपाल आर्य, पारिवारिक न्यायाधीश सं. 01, श्रीमती सुषमा पारीक, विशिष्ट न्यायाधीश एससी/एसटी न्यायालय, श्री रवि प्रकाश सुथार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री मदन लाल सहारण, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं. 02 व श्रीमती निधि तुनवाल, विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट प्रकरण सं 02 तथा सदस्य के रूप में नायब तहसीलदार, श्री इन्द्राज बैरूपाल व अधिवक्ता श्री अजय मेहता, श्रीमती मंजू बाला, श्री ओम यादव, श्री संजय भाटिया व श्रीमती अमनदीप कौर द्वारा कार्य किया गया। उक्त लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निस्तारण में चीफ श्री रोहताष यादव, डिफेंस काउंसिल श्री अमन चालाना व श्री करण धवन व श्री भुवनेश शर्मा, सदस्य, जिला स्थाई लोक अदालत, श्रीगंगानगर द्वारा सराहनीय कार्य किया गया।
       जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के सचिव रवि प्रकाश सुथार (एडीजे) श्रीगंगानगर ने बताया कि जिला मुख्यालय पर कुल 05 बैंच तथा तालुका मुख्यालयों पर कुल 08 बैंच के द्वारा लोक अदालत से संबंधित पत्रावलियों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरण 6704 व प्रि-लिटिगेशन से संबधित 11159 प्रकरण व कुल 17863 प्रकरण रखे गये।
       राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजनार्थ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्री-काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाकर लोक अदालत में रैफर होने वाली पत्रावलियों में समझौता वार्ता की गई।
       लोक अदालत में मुख्यतः राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, एन.आई.एक्ट के प्रकरण, धन वसूली, एमएसीटी, वैवाहिक विवाद, बैंक, रेवेन्यू तथा अन्य सिविल प्रकृति के विवादों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। उक्त लोक अदालत में एस.बी.आई, आरजीबी, पीएनबी सहित विभिन्न बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 जिला मुख्यालय पर गठित प्री-लिटिगेशन बैंच में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा डंूगरसिंहपुर में पक्षकार वेदप्रकाश पुत्र सुरजाराम को कुल ऋण राशि 4,55,000 रूपये को समझौता राशि 1,70,000 में तय किया जाकर राहत प्रदान की गई। जिसकी पक्षकार द्वारा सराहना की जाकर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसी प्रकार राजस्थान ग्रामीण बैंक, दुल्लापुर केरी के मृतक पक्षकार धमेन्द्र कुमार पुत्र प्रीतम सिंह पर बकाया कुल ऋण राशि 13,25,000 रूपये को समझौता राशि 5,14,000 रूपये में किया जाकर मृतक पक्षकार के पुत्र अभिषेक को लाभान्वित किया गया। जिसकी मृतक पक्षकार के परिवारजन द्वारा सराहना की जाकर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसी के साथ भारतीय स्टेट बैंक, शाखा हनुमानगढ़ रोड़, श्रीगंगानगर के पक्षकार हेतराम पुत्र मनफूल राम को कुल ऋण राशि 15,10,000 रूपये का समझौता राशि 06,50,000 में तय किया जाकर राहत प्रदान की गई। इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा मिर्जेवाला रोड़, श्रीगंगानगर में पक्षकार जोगेन्द्र सिंह पुत्र मक्खन सिंह को कुल ऋण राशि 6,40,000 रूपये को समझौता राशि 4,45,000 में तय किया जाकर राहत प्रदान की गई।
      राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित कुल 10158 प्रकरण रखे गये जिनमें से 4414 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 116003239 रूपये का अवार्ड पारित किया गया। इसी क्रम में प्री-लिटिगेशन के 26578 प्रकरण रखे गये जिसमें से 15546 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 657317697 रूपयेे का अवार्ड पारित किया गया।
 राष्ट्रीय लोक अदालत के समापन में श्री रवि प्रकाष सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु समस्त विभागों, वित्तीय संस्थाओं, अधिवक्तागण व उपस्थित आमजन का धन्यवाद ज्ञापित किया। 


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