उदयपुर। संस्कृत शिक्षा विभाग के अन्तर्गत उदयपुर एवं सलुम्बर जिले के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालयों के संस्था प्रधानों की सत्रारम्भ दो दिवसीय वाक्पीठ संगोष्ठी राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय गोखर मगरी जिला उदयपुर में आयोजित हुई।
मुख्य अतिथि संभागीय संस्कृत शिक्षाधिकारी डॉ भगवती शंकर व्यास रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य मानसिंह कुशवाह ने की। विशिष्ट अतिथि जिला नोडल प्रभारी जिला उदयपुर, खेमचन्द जैन व जिला नोडल प्रभारी, जिला सलुम्बर, देवेन्द्र जीनगर तथा उप निरीक्षक राममोहन शर्मा रहे। प्रधानाचार्य श्री कुशवाह ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ भगवती शंकर व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा वह ज्योति है जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है। शिक्षक देश का निर्माता है, शिक्षक एक विद्यार्थी को सुसभ्य, सुसंस्कृत, सुनागरिक बनाता है। राममोहन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भामाशाह के साथ सकारात्मक सम्बन्ध स्थापित करते हुए विद्यालय में भौतिक सुविधाएं प्राप्त की जा सकती है और कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत एवं निर्माण हेतु सरकार तत्पर है। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संजय जी लुणावत प्रधानाचार्य रा.उ.मा.वि. सविना नेला उदयपुर रहे जिन्होंने समस्त संस्था प्रधानों को आरएसआर की जानकारी देते हुए अपने मूल कर्तव्यों को समय पर पूर्ण करने एवं बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उक्त कार्यक्रम में भूमिका ठाकोर, पीयुष दशोरा, पवन जोशी, हितेश चन्द्र जैन, रचना मीणा, मंजु राजक, डॉ जयेश भट्ट, निशा पालीवाल, अभय मीणा, दिनेश आवतानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महिपाल सिंह चौहान व धीरज कुमार जोशी एवं आभार अशोक विश्नोई ने व्यक्त किया।