उदयपुर। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर इंटैक (आईएनटीएसीएच) उदयपुर चैप्टर द्वारा राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) की झामरकोटड़ा खदानों का एक विशेष शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को समझना तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर इंटैक के 10 आजीवन सदस्यों ने भाग लिया तथा खदान क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक खनन प्रक्रियाओं, पर्यावरण संरक्षण उपायों एवं सतत विकास (सस्टेनेबल प्रेक्टिसेज) का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। आरएसएमएमएल के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को खनन के पश्चात भूमि पुनर्स्थापन, हरित आवरण वृद्धि तथा पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने हेतु किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
संयोजक गौरव एस. सिंघवी ने बताया कि भ्रमण के दौरान इंटैक सदस्यों एवं प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए दो वृक्षों का रोपण भी किया। इस पहल ने प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व एवं संरक्षण के संदेश को और अधिक सशक्त किया। इस कार्यक्रम में वर्व - दी स्कूल ऑफ डिजाइन एंड वास्तु के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सीख प्राप्त हुई।
इस शैक्षिक भ्रमण में मुनिश गोयल, महीप भटनागर, प्रियंका वैष्णव, सूरज सोनी, महेश शर्मा, रोहित, विजय एवं ओवैश सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं नेतृत्व इंटैक के आजीवन सदस्य प्रदीप कोठारी एवं इंटैक उदयपुर चैप्टर के संयोजक गौरव एस. सिंहवी द्वारा किया गया। इंटैक उदयपुर चैप्टर ने आरएसएमएमएल प्रबंधन का इस महत्वपूर्ण शैक्षिक एवं जागरूकता पहल में सहयोग हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह भ्रमण सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार संसाधन उपयोग एवं सतत विकास के प्रति और अधिक जागरूक एवं संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।