उदयपुर। गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए साकरोदा स्थित भारत पेट्रोलियम के गैस प्लांट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें हवाई हमले के बाद गैस प्लांट में आग लगने जैसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को परखा गया।
गृह मंत्रालय की ओर से वर्ष 2026 के लिए मॉक ड्रिल की थीम हवाई हमला और ब्लैक आउट रखी गई है। उसके अनुरूप जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल के निर्देशन में जिला प्रशासन, बीपीसीएल, नागरिक सुरक्षा विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस, होमगार्ड, चिकित्सा सहित विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ भाग लिया। शनिवार शाम ठीक 7.25 बजे साकरोदा प्लांट से प्रशासन आदि सभी एजेंसी को सूचना दी गई। इसमें बताया कि प्लांट के स्टोरेज के समीप एयर स्ट्राइक के चलते विस्फोटक गिरा और उससे आग लग गई तथा संबंधित एरिया में ब्लेक आउट हो गया है। गैस के स्टोरेज कैप्सुल में लीकेज होने की भी सूचना प्रसारित की गई। प्रशासन सहित अन्य टीमें मौके पर पहुंचे इससे पूर्व प्लांट मैनेजर रामानुज कर्मकार के निर्देशन में बीपीसीएल की टीमों ने संबंधित एहतियातन कार्यवाही प्रारंभ की। फायर फाइटिंग सिस्टम ऑन किया गया। इस बीच अग्निशमन वाहन मय दल, सिविल डिफेन्स टीम, पुलिस व होमगार्ड टीमें, चिकित्सा टीम मय एम्बुलेंस के मौके पर पहुंची। जिला प्रशासन के निर्देश पर एहतियातन पूरे एरिया में ब्लैक आउट कराया। सभी टीमों ने समन्वय से काम करते हुए ब्लैकआउट, फायर फाइटिंग, हादसे में हताहत लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें चिकित्सालय तक पहुंचाना जैसी गतिविधियों का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन किया गया, जिससे आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता को जांचा जा सके।
पूर्वाभ्यास के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता, और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को विशेष रूप से परखा गया। मौके पर जिला कलेक्टर के निर्देशन में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीपसिंह बग्गा सहित सभी संबंधित अधिकारी मय टीम के मौजूद रहे। एडीएम श्री राठौड़ ने बताया कि इस तरह के मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।