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कौशिकी नृत्य- श्री श्री आनंदमूर्ति जी का महिलाओं के लिए सर्वोत्तम अवदान

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30 Apr 26
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कौशिकी नृत्य- श्री श्री आनंदमूर्ति जी का महिलाओं के लिए सर्वोत्तम अवदान

उदयपुर . आनंद मार्ग प्रचारक संघ के संस्थापक श्री श्री आनंदमूर्ति जी के 105 वें जन्मदिवस पर आयोजित किये जा रहे साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार 29 अप्रैल 2026 को शिवराज माथुर जी के नेतृत्व में शोभागपुरा में अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र 'बाबा नाम केवलम' पर प्रभात फेरी निकाली गयी. तत्पश्चात चित्रकूट नगर में श्रीमती अंजू राठौर और डॉ. वर्तिका जैन के नेतृत्व में कौशिकी नृत्य कार्यशाला का आयोजन हुआ. ज्ञातव्य हो की मार्गी साधिकाओं के अनुरोध पर कौशिकी नृत्य का आविष्कार श्री श्री आनंदमूर्ति जी द्वारा दिनांक 6 सितम्बर 1978 को किया गया था. वास्तव में देखा जाय तो भाव और मुद्राओं पर आधारित यह नृत्य एक मानसाध्यतमिक व्यायाम है जो महिलाओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण अवदान है. यह नृत्य महिलाओं की 22 तरह की विभिन्न शारीरिक और मानसिक समस्याओं को दूर करता है जिसमें, हिस्टीरिया, निराशा, अवसाद, यकृत रोग, मासिक धर्म सम्बन्धी रोग इत्यादि शामिल है. साथ ही इस नृत्य का लगातार अभ्यास करने से वृद्धावस्था में देरी होती है, चेहरे की झुर्रियां दूर होती है और त्वचा पर चमक आती है. इस कार्यशाला में आस-पास से आयी लगभग 20 महिलाओं ने भाग लिया और नृत्य को सीखा. एक पखवाड़े के बाद पुनः इस कार्यशाला का आयोजन कर महिलाओं के अनुभव लिए जायेंगे और उन्हें इस नृत्य को निरंतर करने हेतु प्रेरित किया जायेगा. इसके साथ ही टेकरी-मादरी रोड पर स्थित जागृति में विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार हेतु सामान्य निशुल्क शिविर का आयोजन किया गया जिसमे डॉ. एस. के. वर्मा द्वारा रोगियों का परीक्षण कर दवा वितरित की गयी. 


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