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उदयपुर के गौरव सिंघवी ( दी डिजाइन टू डिजायर) को हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर श्रेणी में डियू अवार्ड से सम्मानित किया

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03 May 26
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उदयपुर के गौरव सिंघवी  ( दी डिजाइन टू डिजायर) को हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर श्रेणी में डियू अवार्ड से सम्मानित किया

उदयपुर। शहर के प्रतिष्ठित होटल रैडिसन ब्लू में आयोजित “डिजाइन अनफिल्टर्ड कॉन्क्लेव दृ उदयपुर एडिशन” में जाने-माने वैज्ञानिक वास्तु सलाहकार, इंटीरियर आर्किटेक्ट डिजाइनर, धरोहर संरक्षक गौरव सिंघवी ( दी डिजाइन टू डिजायर) को हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर श्रेणी में डियू अवार्ड से सम्मानित किया गया।
गौरव सिंघवी को यह सम्मान उनके विशेष प्रोजेक्ट “रिअवाकिंग ए फॉरगॉटन सिटाडेल इनटू ए लिविंग हेरिटेज” के लिए दिया गया, जिसमें लगभग 450 वर्ष पुराने किले के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया गया है। इस प्रोजेक्ट में उन्होंने स्थानीय सामग्री, पारंपरिक रंगों, और क्षेत्रीय पौधों व वृक्षों का उपयोग करते हुए किले की मूल संरचना और पहचान को सुरक्षित रखा। साथ ही, किले के लगभग 30 प्रतिशत क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण भी मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए किया गया। प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि 90 प्रतिशत से अधिक मूल संरचना को ज्यों का त्यों संरक्षित रखा गया। किले की दीवारें, मुख्य द्वार और स्थानिक स्वरूप बिना किसी बदलाव के बनाए रखे गए, जिससे उसकी ऐतिहासिक असलियत कायम रही। इस प्रोजेक्ट में पूरी तरह से स्थानीय सामग्री, पत्थर, संगमरमर और पारंपरिक कारीगरी का उपयोग किया गया। कोटा स्टोन की जालियां, पारंपरिक झरोखे और घोकड़ा, प्राकृतिक रंगों जैसे येलो ओखर का प्रयोग, भीतरी दीवारों पर पारंपरिक फ्रेस्को आर्ट किया गया, जिसमें मेवाड़ी ब्लू, डीप पिंक और कृष्ण लीला थीम्स के माध्यम से संस्कृति और सौंदर्य को जीवंत किया गया। प्रोजेक्ट के दौरान सभी मौजूदा पेड़ों को सुरक्षित रखा गया और उन्हें डिजाइन का हिस्सा बनाया गया। बंजर भूमि को हरे-भरे लैंडस्केप में बदलते हुए, प्राकृतिक पाथवे और गार्डन विकसित किए गए। जैसे ओवरहेड वाटर टैंक को पारंपरिक गुंबद के रूप में डिजाइन किया गया, ताकि किले की स्काईलाइन प्रभावित न हो। साथ ही, ओपन-टू-स्काई स्विमिंग पूल को स्थानीय सामग्री से तैयार किया गया, जो आधुनिक आराम और पारंपरिक सौंदर्य का संतुलन प्रस्तुत करता है।
इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में वीकेंड होम्स फार्महाउस, रेजिडेंशियल आर्किटेक्चर, कॉर्पोरेट बिल्डिंग, इंस्टीट्यूशनल, हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर, हॉस्पिटैलिटी इंटीरियर्स, कैफे बार लाउंज, रिटेल आउटलेट्स, हेल्थकेयर, रेजिडेंशियल इंटीरियर्स, डिजाइन विजन और ऑन-गोइंग प्रोजेक्ट्स जैसी विभिन्न श्रेणियों में कुल 175 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। इनमें से केवल 39 प्रोजेक्ट्स को नामांकन के लिए चुना गया।
“डिजाइन अनफिल्टर्ड” संस्था देश के 23 से अधिक राज्यों और 650़ शहरों में सक्रिय है, जिसमें 5000 से अधिक पेशेवर जुड़े हुए हैं। इस मंच पर देशभर के आर्किटेक्ट्स और डिजाइनर्स अपने उत्कृष्ट कार्यों का प्रदर्शन करते हैं। जूरी में देशभर के विशेषज्ञ शामिल इस अवॉर्ड के लिए जूरी में देश के प्रमुख आर्किटेक्ट्स और डिजाइन विशेषज्ञ शामिल थे, जिनमें जयपुर के एआर. प्रमोद जैन, त्रिवेंद्रम की एआर. चित्रा नायर, वडोदरा के एआर. धर्म पटेल, कश्मीर के एआर. सैयद वासिल, कोल्हापुर के एआर. संतोष रमाने और बेंगलुरु के एआर. प्रमोद जैस्वाल शामिल रहे।
यह प्रोजेक्ट आज एक ऐसा उदाहरण बन चुका है, जहां परंपरा और आधुनिकता, संरक्षण और उपयोगिता, तथा सादगी और सौंदर्य का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है। जो कभी खंडहर था, वह आज फिर से जीवंत होकर अपनी कहानियां सुना रहा है- बिना बदले, बिना बिगड़े बस संजोए हुए।
गौरव सिंघवी की यह उपलब्धि न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है, जो विरासत संरक्षण और आधुनिक डिजाइन के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस उपलब्धि पर गौरव सिंघवी ने कहा- “सच्चा डिजाइन विरासत को दबाता नहीं, बल्कि उसे सामने लाता है। यह प्रोजेक्ट मेरे लिए केवल एक कार्य नहीं, बल्कि इतिहास के प्रति एक जिम्मेदारी थी। यह प्रोजेक्ट केवल निर्माण नहीं, बल्कि संरक्षण और संवेदनशील पुनर्स्थापना का उदाहरण है।


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