 सालाना आधार पर 4 गुना वृद्धि; 150+ शहरों में करीब 1,200 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर  टियर 2+ शहरों में ग्राहक आधार सालाना आधार पर करीब 25 गुना बढ़ा; अंबाला, सिलीगुड़ी और तिरुप्पुर सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल  Gen Z ग्राहक आधार सालाना आधार पर करीब 5 गुना बढ़ा; कई नॉन-ग्रॉसरी कैटेगरी में 45% से अधिक ऑर्डर Gen Z ग्राहकों से  करीब 60% ग्राहक दोबारा फ्लिपकार्ट मिनट्स पर खरीदारी करते हैं; लॉन्च के बाद से 4 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित बेंगलुरु : फ्लिपकार्ट की क्विक कॉमर्स पेशकश फ्लिपकार्ट मिनट्स ने अगस्त 2024 में लॉन्च के बाद से तेजी से विस्तार करते हुए सालाना आधार पर 4 गुना वृद्धि दर्ज की है।

दो वर्षों में प्लेटफॉर्म का नेटवर्क बढ़कर 150 से अधिक शहरों में करीब 1,200 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर तक पहुंच गया है।। शुरुआत से अब तक इस प्लेटफॉर्म ने 4 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।

वहीं, एक और अहम तथ्य यह है कि फ्लिपकार्ट मिनट्स पर खरीदारी करने वाले करीब 60% ग्राहक दोबारा प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते हैं। यह देशभर में क्विक कॉमर्स की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

इस वृद्धि में टियर 2+ बाजारों की अहम भूमिका देखने को मिल रही है। अंबाला, बाराबंकी, भागलपुर, दुर्गापुर, कानपुर, रुड़की, सिलीगुड़ी, सलेम और तिरुप्पुर जैसे शहरों में ग्राहक आधार सालाना आधार पर करीब 25 गुना बढ़ा है।

इन बाजारों में मांग अब रोजमर्रा की जरूरतों तक सीमित नहीं है। कोरियन नूडल्स, सॉस और रेडी-टू-ईट मील्स जैसे उत्पादों के साथ-साथ प्रीमियम स्किनकेयर और पर्सनल केयर कैटेगरी में भी मजबूत मांग देखने को मिल रही है।

Gen Z की बढ़ती भागीदारी से क्विक कॉमर्स का दायरा हुआ व्यापक फ्लिपकार्ट मिनट्स पर Gen Z सबसे तेजी से बढ़ने वाला ग्राहक वर्ग बनकर उभरा है। पिछले 12 महीनों में इस वर्ग का ग्राहक आधार सालाना आधार पर करीब 5 गुना बढ़ा है।

ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, गेमिंग, वियरेबल्स, फ्रेगरेंस, हेल्थ एवं न्यूट्रिशन और ग्रूमिंग जैसी कैटेगरी में 45% से अधिक ऑर्डर Gen Z ग्राहकों द्वारा किए जाते हैं।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर गॉरमेट कैटेगरी के हर 3 में से 1 ऑर्डर Gen Z ग्राहक करते हैं।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि यह पीढ़ी क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर प्रीमियम और लाइफस्टाइल से जुड़ी श्रेणियों तक, कहीं अधिक व्यापक उत्पादों की खरीदारी के लिए कर रही है।

फ्लिपकार्ट मिनट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड, कुणाल गुप्ता ने कहा, “पिछले दो वर्षों में फ्लिपकार्ट मिनट्स महज सुविधा प्रदान करने वाली सेवा से आगे बढ़कर खरीदारी के एक व्यापक प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है।

ग्राहक अब रोजमर्रा की जरूरतों के अलावा कई अन्य तरह के उत्पादों की खरीदारी के लिए भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। खास बात यह है कि खरीदारी का यह रुझान बड़े शहरों से बाहर भी तेजी से बढ़ रहा है।

साथ ही, Gen Z के ग्राहक प्लेटफॉर्म पर नई श्रेणियों के उत्पादों की खरीदारी कर रहे हैं और खरीदारी के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं।

अपने बढ़ते नेटवर्क के जरिए हमारे पास देशभर में अधिक उपभोक्ताओं तक यह अनुभव पहुंचाने के साथ-साथ ब्रांड्स, किसानों और स्थानीय कारोबारों को ग्राहकों तक पहुंचने के नए अवसर उपलब्ध कराने की भी व्यापक संभावनाएं हैं।” भारत की बदलती शॉपिंग बास्केट रोजमर्रा की जरूरतों और फल-सब्जियों के अलावा फ्लिपकार्ट मिनट्स पर प्रीमियम और एस्पिरेशनल कैटेगरी में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है।

पिछले एक साल के भीतर लॉन्च की गई गॉरमेट और स्पेशियलिटी ग्रॉसरी कैटेगरी में 8 गुना वृद्धि हुई है। इसमें कोल्ड- प्रेस्ड ऑयल, इम्पोर्टेड चीज, एवोकाडो की अंतरराष्ट्रीय किस्मों और कोरियन रेडी-टू-ईट मील्स की मांग देखने को मिल रही है।

मेन्स ग्रूमिंग कैटेगरी सालाना आधार पर करीब 6 गुना बढ़ी है, जबकि पेट फूड कैटेगरी में 5 गुना वृद्धि हुई है। यह क्विक कॉमर्स के जरिए ग्राहकों द्वारा खरीदे जा रहे उत्पादों की बढ़ती विविधता को दर्शाता है।

प्लेटफॉर्म पर अब तक का सबसे बड़ा एकल ऑर्डर ₹6 लाख का रहा, जिसमें पांच स्मार्टफोन शामिल थे। यह इस बात का उदाहरण है कि क्विक कॉमर्स कितनी तेजी से रोजमर्रा की जरूरतों से आगे बढ़कर दूसरी कैटेगरी तक अपना दायरा बढ़ा रहा है।

भारत के लिए निर्माण: पार्टनर्स, किसान और पर्यावरण के अनुकूल पहल अगस्त 2024 से अब तक फ्लिपकार्ट मिनट्स ने करीब 500 D2C ब्रांड्स का पार्टनर इकोसिस्टम तैयार किया है, जिससे इन ब्रांड्स को हाइपरलोकल मांग और नए ग्राहक वर्गों तक पहुंचने का अवसर मिला है।

किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के साथ साझेदारी के जरिए प्लेटफॉर्म ने हजारों किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से भी जोड़ा है। इससे किसानों को नए बाजारों तक पहुंचने और अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिली है।

फ्लिपकार्ट मिनट्स अधिक सस्टेनेबल डिलीवरी नेटवर्क बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

अब लास्ट-माइल डिलीवरी का बढ़ता हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए पूरा किया जा रहा है और माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर्स में बैटरी-स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्लेटफॉर्म ने प्रमुख फल एवं सब्जी कैटेगरी में हल्की कम्पोस्टेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग भी शुरू की है, जिससे वर्जिन प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जा रहा है।