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3540 पदों को लेकर युवाओं व गेस्ट फैकल्टी में बढ़ा असंतोष

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03 May 26
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उदयपुर, 03 मई 2026। राजस्थान के उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित संविदा भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अभ्यर्थियों, शोधार्थियों, छात्र-युवाओं और शिक्षण कार्य से जुड़े नागरिकों ने राज्य सरकार द्वारा Rajasthan College Education Society के माध्यम से “Hiring of Manpower Rules, 2023” के तहत की जा रही भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं।

जानकारी के अनुसार, महाविद्यालयों में Teaching Associate के लगभग 3540 पदों पर 5 वर्ष की संविदा नियुक्ति की जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब कार्य की प्रकृति स्थायी है, तो संविदा व्यवस्था लागू करना उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

इस बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर संभावित न्यायिक चुनौती के मद्देनज़र सरकार द्वारा कैविएट दायर किए जाने की खबर भी सामने आई है, जिससे विवाद और गहरा गया है। युवाओं का मानना है कि यह पहले से ही संभावित विरोध और कानूनी विवाद का संकेत है।

❗ भर्ती प्रक्रिया पर मुख्य आपत्तियाँ

अभ्यर्थियों और गेस्ट फैकल्टी ने University Grants Commission और National Education Policy 2020 के आधार पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं—

5 वर्ष की संविदा से शिक्षकों में असुरक्षा और मानसिक दबाव बढ़ता है

समान कार्य के लिए असमान वेतन, जिससे “Equal Pay for Equal Work” प्रभावित

NET/SET/JRF/PhD धारकों को स्थायी अवसरों से वंचित करना

उच्च शिक्षा के शोध व गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव

₹28,850 मासिक वेतन को अनुचित बताया गया

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और शर्तों पर सवाल

वर्षों से कार्यरत विधा संबल योजना के गेस्ट फैकल्टी की अनदेखी

अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यह मॉडल शिक्षा को ‘कॉरपोरेट ढांचे’ में ढालने जैसा है, जबकि शिक्षा एक सामाजिक निवेश है।

⚖️ संवैधानिक व नीतिगत सवाल

युवाओं ने इसे संविधान के Article 14 of Indian Constitution और Article 16 of Indian Constitution के विरुद्ध बताते हुए कहा कि यह समान अवसर और समानता के सिद्धांतों को प्रभावित करता है।

📌 युवाओं और गेस्ट फैकल्टी की प्रमुख मांगें

RAJ-CES व्यवस्था समाप्त कर कॉलेजों को आयुक्तालय के अधीन लाया जाए

5 वर्ष की संविदा भर्ती प्रणाली तत्काल निरस्त की जाए

शैक्षणिक पदों पर भर्ती Rajasthan Public Service Commission तथा गैर-शैक्षणिक पदों पर Rajasthan Staff Selection Board के माध्यम से हो

स्थायी भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए

सोढाणी समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए

गेस्ट फैकल्टी को प्राथमिकता दी जाए

उच्च शिक्षा में संविदा भर्ती पर पूर्ण रोक लगाई जाए

⚠️ आंदोलन की चेतावनी

युवाओं और गेस्ट फैकल्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे न्यायालय की शरण लेने के साथ-साथ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।

गेस्ट फैकल्टी का कहना है:
“हम वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, फिर भी हमें नजरअंदाज किया जा रहा है। UGC और नई शिक्षा नीति स्थायी व गुणवत्तापूर्ण फैकल्टी पर जोर देती है। सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाए तथा हमें उचित अवसर दे।”

इस पूरे मामले ने राजस्थान के उच्च शिक्षा तंत्र में नीति, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।


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