GMCH STORIES

सुविवि में शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंथन: अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका का संवाद

( Read 634 Times)

25 Apr 26
Share |
Print This Page
सुविवि में शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंथन: अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका का संवाद

 

उदयपुर। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने शनिवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में डीन्स, डायरेक्टर्स एवं विभागाध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा के बदलते परिदृश्य पर व्यापक विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन आया है। वैश्वीकरण के प्रभाव से अब पारंपरिक शिक्षा की सीमाएं टूट रही हैं और स्किल आधारित शिक्षा नई पहचान बनकर उभरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक टूल्स ने शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति ला दी है, जिससे शिक्षण और अधिगम के तरीके तेजी से बदल रहे हैं।

रांका ने जोर देकर कहा कि भारत युवा शक्ति का देश है, इसलिए युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि कुशल और आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सिल्वर इकोनॉमी, केयर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी को आने वाले समय की प्रमुख आर्थिक धाराएं बताया।

उन्होंने विश्वविद्यालय में RUSA के अंतर्गत संचालित ECH पहल की सराहना करते हुए इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही यह भी कहा कि अब छात्रों को नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक (Job Creators) बनने के लिए तैयार करना होगा।

शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने आउटसाइड क्लासरूम लर्निंग को भी क्रेडिट देने का सुझाव दिया, जिसमें फील्ड विजिट और इंटर्नशिप को अहम भूमिका दी जानी चाहिए। इसके साथ ही नई शिक्षक भर्तियों को शीघ्र पूरा करने और कार्यरत शिक्षकों के करियर एडवांसमेंट को गति देने पर भी बल दिया।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए पेंशन को एक अहम मुद्दा बताते हुए इसके नियमित भुगतान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता की सराहना की।

संवाद के दौरान शिक्षकों ने भी अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं खुलकर रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। इससे पूर्व रांका ने उदयपुर संभाग के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों से संवाद कर समय पर प्रवेश प्रक्रिया और नए सत्र के सुचारू संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यह संवाद शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता और भविष्य की दिशा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like