हर वर्ष हम पानी की कमी का रोना रोते हैं, सरकारों से अधिक पानी की मांग करते हैं, लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि वर्षा का अमूल्य जल जो हमारी छतों पर गिरता है, उसका कितना हिस्सा हम सहेज पाते हैं?
सच्चाई यह है कि कोई भी सरकार तभी पानी उपलब्ध करा सकती है, जब तालाब, झीलें और भूजल स्रोत पानी से भरे हों। जल संकट का स्थायी समाधान केवल मांग बढ़ाने में नहीं, बल्कि जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण में छिपा है।
यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर की छत पर गिरने वाले वर्षा जल को वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली के माध्यम से अपनी ही ट्यूबवेल या भूजल स्रोत में पहुंचाए, तो भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। यह न केवल हमारे परिवार को जल सुरक्षा देगा, बल्कि पूरे शहर और समाज को भी जल संकट से राहत दिलाएगा।
आज आवश्यकता है कि स्थानीय निकाय, सामाजिक संस्थाएं और जागरूक नागरिक मिलकर जन-जन को वर्षा जल संचयन के लिए प्रेरित करें। केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार सख्ती भी की जाए।
पानी की हर बूंद अनमोल है।
छत का पानी जमीन में पहुंचाइए, भविष्य की प्यास बुझाइए।
सरकार से पानी मांगने से पहले, वर्षा जल को संजोने का संकल्प लीजिए।
🌧️ "हर घर वाटर हार्वेस्टिंग – हर ट्यूबवेल रिचार्जिंग"
💧 "आज बचाएंगे पानी, तभी सुरक्षित होगा कल"
— डॉ. पी. सी. जैन
वाटर हीरो